यह लिखा था लेटर में
दो लोगों ने हमारे 30 से 35 लोग मार दिए आगे लिखा कि लेकिन गड़बड़ तब हो गई जब हमने सिरसा से अनुज और मध्यप्रदेश से मनोज ठाकुर को उठाया। ये हमारे प्रयास से दो बार भागे। इन दोनों ने भागते हुए हमारे 30 से 35 लोगों को मार दिया। पहली बार जब ये दोनों भागे इनको विदेश से पकड़ा। इसके बाद हमने इनको भूखा रखा था। ये फिर भाग गए। दोबारा इनको लाने के बाद हरियाणा वाले को हमने कर्नाटक में बेच दिया। हमारा बॉस समपथ इनका सौदा पाकिस्तान कर आया। मैडम मुझे धमकी दे रही है या तो मैं उसे पकड़ के जान से मार दूं या उसके परिवार के बच्चे को उठा लूं। मैडम मुझे हर बार नए-नए नंबर से फोन करती है और बार-बार मेरे को धमकी देती है कि हमारे बॉस समपथ को तेलंगाना पुलिस ने पकड़ा है। उन्हें तब पकड़ा जब वह पाकिस्तान डिलीवरी देने गया था। अब मेरे उपर दबाव है इसलिए मैं ये खत लिख रहा हूं।