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Hisar News: माेनू के आंख के ऊपर आधा इंच चोट का निशान

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हिसार। मिर्जापुर निवासी मोनू (19) की हत्या के मामले में बुधवार को पोस्टमार्टम हुआ। उसकी बाईं आंख के ऊपर लगभग आधा इंच गहरा चोट का निशान पाया गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
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परिजनों ने पुलिस पर देरी से पहुंचने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई होती तो शायद मोनू की जान बचाई जा सकती थी। परिवार का आरोप है कि पुलिस गांव तभी पहुंची जब मोनू का शव बरामद हुआ, इससे पहले कोई भी कदम नहीं उठाया गया।
भाई जयभगवान ने बताया कि मोनू के शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। उसकी हत्या कर शव गांव के पास फेंका गया। उनका कहना है कि जब मोनू को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया, तब भी शरीर से खून निकल रहा था, जिससे साफ है कि उसे मारकर ही वहां फेंका गया। परिवार को संदेह है कि वारदात में गांव का ही कोई व्यक्ति शामिल हो सकता है।
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चार फीट पानी में नहीं डूब सकता था
परिजनों ने सवाल उठाया कि मोनू की लंबाई करीब 5 फीट 8 इंच थी, जबकि जहां शव मिला, वहां पानी की गहराई चार फीट से अधिक नहीं थी। ऐसे में डूबकर मौत होना संभव नहीं लगता। इसके अलावा मोनू का शॉल, टोपा और चप्पल गायब हैं। घर से निकलने के बाद रात करीब 9:30 बजे उसका फोन अचानक स्विच ऑफ हो गया, इसके बाद उससे कोई संपर्क नहीं हो सका।
सीसीटीवी में दिखे बाइक सवार, स्ट्रीट लाइट भी बंद
मोनू के गांव से सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े लोगों ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि मोनू न तो नशा करता था, न ही किसी से उसका झगड़ा था। गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों में वह रास्ते में जाता हुआ दिखा है। ग्रामीणों का दावा है कि गांव के मुख्य मार्ग पर दो मोड़ हैं, जहां कैमरे लगे हैं। इनमें से एक कैमरे के पास स्थित स्ट्रीट लाइट घटना से पहले ही बंद कर दी गई थी। फुटेज में बाइक सवार दिखाई देते हैं, लेकिन मोनू के साथ क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो पाया।
क्या बोले जांच अधिकारी?
जांच अधिकारी गौतम कुमार ने बताया कि मोनू की बाईं आंख के ऊपर चोट का स्पष्ट निशान मिला है। हालांकि, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चोटों की प्रकृति और कारण स्पष्ट हो पाएंगे। 15 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है, जिनमें से कुछ कैमरे खराब मिले हैं। जांच जारी है।
कहीं कुछ छिपा तो नहीं रहे पुलिस और परिजन?
पुलिस का कहना है कि मोनू ने घटना से पहले ज्यादातर कॉल अपने परिवार के लोगों को ही की थी। आखिरी कॉल किसे की गई, इसकी जानकारी परिजनों को दे दी गई है। पुलिस ने कहा कि फिलहाल जांच जारी है, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
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परिजनों के सवाल - अभी भी जवाब का इंतजार
मौत के बाद भी शरीर से खून कैसे बह रहा था?
मोनू की चप्पल, टोपा और शॉल कहां गए?
वह पानी में कैसे पहुंचा?
सिर, आंख और होंठ कैसे फटे?
फोन और पैसे जेब में कैसे सुरक्षित मिले?
फोन के कवर में मिट्टी कैसे लगी, यदि वह पानी में डूबा था?
शव पानी में सिर के बल क्यों मिला?
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