जनता कर्फ्यू से एक दिन पहले बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा। आम दिनों के मुकाबले दोनों ही जगह भीड़ न के बराबर दिखाई दी। वहीं ट्रेनों और बसों में भी यात्रियों की संख्या काफी कम रही। हर कोई घरों में दुबके रहे।
शनिवार को शाम चार बजे तक सवारियां नहीं होने के कारण चंडीगढ़ की दो बसें रद्द की गईं। इनमें दोपहर 1:40 बजे और दोपहर 2:20 बजे चंडीगढ़ जाने वाली बस शामिल थीं। इसके अलावा सवारियां कम होने के कारण अन्य रूट पर भी कई बसें नहीं चलाई गईं।
कोरोना वायरस से बचाव को लेकर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर साफ-सफाई की जा रही है। खासतौर पर भीड़ वाले स्थान पर दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने बताया कि शनिवार को बस स्टैंड पर सवारियां कम थीं। ऐसे में कई रूट पर बसें नहीं चलाई गईं। वहीं रविवार को पूरा दिन बसें नहीं चलेगी।
शनिवार रात 12 बजे के बाद नहीं चली हिसार से कोई ट्रेन
शनिवार रात 12 बजे के बाद हिसार से कोई ट्रेन नहीं चली, जोकि रविवार रात 10 बजे तक बंद रहेगी। हालांकि अभी तक समय निर्धारित नहीं किया गया है कि इन तीनों ट्रेन को किस समय चलाया जाएगा।
वर्जन
बीकानेर मंडल से आदेश आने के बाद शनिवार रात 12 बजे के बाद हिसार से कोई ट्रेन नहीं चली, जोकि रविवार रात 10 बजे तक बंद रहेगी।
- ठाकुर सिंह, स्टेशन मास्टर
रेलवे ने रिजर्वेशन रिफंड नियमों में किया अस्थायी परिवर्तन
कोरोना के प्रभाव के चलते सोशल डिस्टेंस रखने के लिए रेलवे ने रिजर्वेशन रिफंड नियमों में अस्थायी परिवर्तन किया है। 21 मार्च से 15 अप्रैल तक सफर करने वाले ई-टिकट धारियों को पहले की तरह स्टेशन पर रिफंड लेने के लिए आने की कोई जरूरत नहीं है। 21 मार्च से 15 अप्रैल तक सफर करने वाले रिजर्वेशन काउंटर से लिए टिकट यदि रेलवे द्वारा रद्द किया जाता है तो यात्री तीन दिन की पहले वाली कंडीशन के बजाय यात्रा तिथि से 45 दिन के बीच रिजर्वेशन काउंटर पर अपना रिफंड लेने के लिए टिकट प्रस्तुत कर सकते हैं। वहीं रेलवे द्वारा यदि ट्रेन रद्द नहीं की गई है और यात्री यात्रा नहीं कर रहा है तो यात्री रिफंड लेने के लिए स्टेशन से यात्रा तिथि से तीन दिन के बजाय 30 दिन में सीसीओ-सीसीएम क्लेम ऑफिस में टीडीआर (टिकट डिपॉजिट रिसिप्ट) सबमिट कर सकते हैं। पहले यह नियम 10 दिन का था। यदि यात्री 139 नंबर के द्वारा टिकट रद्द करता है तो वह ट्रेन के शेड्यूल डिपार्चर के पहले के नियम के बजाए 30 दिनों के अंदर अपना टिकट प्रस्तुत कर रिफंड प्राप्त कर सकता है। यह छूट 21 मार्च से 15 अप्रैल तक लागू रहेगी। वहीं रेलवे की ओर से यह सुविधा कोरोना वायरस के प्रभाव के कारण स्टेशन पर अधिक भीड़ व यात्रियों में परेशानी कम करने के लिए की गई है।