हिसार। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक बुधवार को हिसार की जाट धर्मशाला में प्रदेश अध्यक्ष धर्मपाल छोत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक मुख्य अतिथि रहे। बैठक में यशपाल मलिक ने बताया कि दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश में जाटों के विरोध के कारण कांग्रेस की हार हुई है। इसके बावजूद भी यदि हरियाणा और केंद्र सरकार जाटों को आरक्षण के बारे में इसी तरह गुमराह करती रही तो जाट एक बड़ा आंदोलन चलाकर लोकसभा चुनावों और हरियाणा विधान सभा चुनावों में कांग्रेस का विरोध करेंगे। समिति प्रदेश अध्यक्ष धर्मपाल छोत ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार ने आरक्षण को लेकर अधिसूचना 24 जनवरी 2013 को जारी की थी लेकिन अब तक इसेस अधिनियम का दर्जा नहीं दिया गया। यदि हरियाणा सरकार शीतकालीन सत्र में भी जाट आरक्षण बिल लेकर नहीं आई तो जनवरी से आंदोलन को फिर से शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 29 दिसंबर को कैथल में होने वाले जाट सम्मेलन में इसकी विधिवत घोषणा कर दी जाएगी। इस मौके पर समिति के प्रदेश महासचिव महेंद्र पूनिया, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुबेदार ओमप्रकाश, पूनिया खाप के अध्यक्ष दीवान सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मूलचंद दहिया, बीएस अहलावत, रघबीर सिंह अध्यक्ष फतेहाबाद मौजूद थे।