हिसार। हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबंधित रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने आरोप लगाया है कि सरकार जनता पर निजी बसें थोपना चाहती है। यूनियन ने सरकार को इस विषय में खुली बहस की चुनौती दी है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष दलबीर नेहरा और प्रांतीय महासचिव वीरेंद्र धनखड़ ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा परिवहन विभाग में 3519 निजी रूट परमिट देने व विभागीय मांगों की अनदेखी करने के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। रोडवेज विभाग की तमाम यूनियनों की तालमेल कमेटी द्वारा गठित चार टीमों द्वारा 13 व 14 नवंबर की हड़ताल को लेकर 6 से 9 नवंबर तक गेट मीटिंग करने का अभियान पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार रोडवेज विभाग में बसों की संख्या को बढ़ाने की बजाय 3519 रूटों पर निजी परमिट देकर विभाग का निजीकरण करने पर तुली है। विभाग द्वारा दो दर्जन कैटेगरी में लोगों को मुफ्त में सफर करवाया जाता है, जबकि निजी बसों में सभी का टिकट लगता है। जयभगवान बडाला और डिपो प्रधान राजपाल नैन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री व सरकार के किसी भी नुमाइंदे को इस विषय में खुली बहस की चुनौती दी है।