हिसार। डॉ. अंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया की ओर से शुक्रवार को जीरो फीस रूल और बैकलॉग सहित शिक्षा सुधार की विभिन्न मांगों को लेकर शहर में जोरदार प्रदर्शन किया गया। क्रांतिमान पार्क से एकत्र होकर सैकड़ों की तादाद में छात्रों ने लघु सचिवालय तक पैदल मार्च करते हुए जोरदार नारेबाजी की। लघु सचिवालय पहुंचकर छात्रों ने कमिश्नर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय कुमारी सैलजा के नाम ज्ञापन सौंपा।
इससे पूर्व क्रांतिमान पार्क में दलित छात्र नेता प्रदीप अंबेडकर ने कहा कि दलित और पिछड़ा वर्ग के बैकलॉग के पदों को भरने के लिए हाईकोर्ट ने आदेश दिए हुए हैं, लेकिन शासन और प्रशासन इसके लिए गंभीर नहीं है। खुद सीएम इस मुद्दे को लेकर विभिन्न विभागोें के सचिवों एवं अधिकारियों को फटकार लगाते हुए नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। लेकिन अधिकारियों ने अभी तक बैकलॉग की सूची तक नहीं भेजी है। वहीं दूसरी तरफ सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के कारण शैक्षणिक स्तर पर दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है। स्कूलों में न तो शिक्षक है और न ही शिक्षण से संबंधित अन्य मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराया जा रहा है।
जीरो फीस के रूल को पारित हुए 20 वर्ष से भी अधिक समय गुजर चुका है, लेकिन अभी तक प्रशासनिक अधिकारी इसको लागू कराने के लिए गंभीर नहीं है। छात्र नेता ने कहा कि जीरो फीस के रूल को लेकर हरियाणा प्रदेश को दलितों के लिए निशुल्क उच्च शिक्षण प्रदेश घोषित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शासन प्रशासन ने यह कदम नहीं उठाया तो छात्र संगठन खुद शिक्षण संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएगा।
प्रदर्शन को गवर्नमेंट कॉलेज से गुरबिंद्र, गुरमीत, राजेश मेहंदीया, पूनम बौद्ध, मीनू कुमारी, राजपाल अंबेडकर, अश्वनी गुंदली, रविंद्र नौथा, प्रदेश प्रेस सचिव अनिल अंबेडकर, जोन प्रभारी अनिल अंबेडकर, दूरवर्ती शिक्षा अध्यक्ष पारब्रह्म कटारिया, जिला सचिव राजवीर मुवाल, शांति निकेतन कॉलेज अध्यक्ष रवि धानिया, जाट कॉलेज अध्यक्ष तनकेश्वर, राहुल शर्मा, अमित दहिया, सुशील कुमार, अनिल वर्मा, कर्मवीर बैनीवाल, सुधीर देवठिया, विनोद धानिया आईटीआई नलवा, प्रदीप चोपड़ा, अमित रतेरा, सोनू, वजीर, दीपक रंगा और संजीव चौहान ने भी संबोधित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शासन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो छात्रों का गुस्सा बड़े आंदोलन का कारण बन सकता है। इस मौके पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए सैंकड़ों छात्र उपस्थित थे।