हिसार। प्रदेश सरकार की जाट आरक्षण को लेकर मंशा साफ नहीं है। जाट आरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार को 15 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया हुआ है। इस अल्टीमेटम तक जाट समाज को आरक्षण नहीं दिया गया तो इस बार निर्णायक आंदोलन होगा। यह बात जाट आरक्षण संघर्ष को लेकर बनी समिति के पदाधिकारी सूबे सिंह समैन ने वीरवार को पत्रकारों से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर को जाट आरक्षण को लेकर संघर्ष समिति की बैठक हांसी में होगी। इस बैठक में आंदोलन को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी और विभिन्न कमेटियों का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बैठक से पहले जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर रोहतक और सोनीपत में दो बड़ी जनसभाएं की जाएंगी। सूबे सिंह ने कहा कि जाट आरक्षण को लेकर समिति का जनसंपर्क अभियान जारी है। इसे लेकर पूरे प्रदेश में जनसंपर्क अभियान चलाया हुआ है। इस बार यदि सरकार ने समाज की मांग को पूरा नहीं किया तो जाट समाज निर्णायक आंदोलन करेगा और इस बार आरक्षण लेकर ही आंदोलन खत्म होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को जो समय दिया हुआ है तब तक सरकार के रूख का इंतजार किया जाएगा। इस अवसर पर जाट आरक्षण आंदोलन से जुडे़ ओपी सिंधु भी मौजूद थे।