सिरसा। अंतरराष्ट्रीय लायंस संगठन 321-ए3 के सिरसा संभाग-12 की ओर से सीएमके महाविद्यालय के सभागार में नारी सशक्तिकरण और कन्या भ्रूण हत्या विषय पर प्रंातीय स्तर के अभियान का आगाज़ किया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित पंजाबी नाटककार प्रो. अजमेर सिह औलख द्वारा रचित एंव निर्देशित नाटक ‘अवेसले युद्धां दी नायिका’ नाटक का मंचन किया गया। लोक कला मंच मानसा के कलाकारों की प्रस्तुती देखकर दर्शक भावुक हो गए।
इस प्रांतीय स्तरीय सम्मेलन में सबसे पहले नाटककार प्रो. अजमेर सिह औलख द्वारा रचित और निर्देशित नाटक ‘अवेसले युद्धां दी नायिका’ का मचन लोक कला मंच मानसा के कलाकारों द्वारा किया गया। नाटक ने उपस्थित जनसमूह को सोचने पर मजबूर कर दिया कि किस प्रकार से एक महिला को अपनी ज़िंदगी में अनेक ऐसे युद्धों से लड़ना पड़ता है जिसके बारे में उन्होंने कभी कल्पना नहीं की होती। यह युद्ध भी बहुत हद तक कन्या भ्रूण हत्या के मुख्य कारणों में से एक हैं। इस प्रकल्प का उद्घाटन डा. राजेंद्र सिंह सरां ने करते हुए कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ लायंस क्लब की शाखाओं द्वारा चलाए जा रहे अभियान की प्रशंसा की। मुख्यवक्ता गुरू जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार की डा. वंदना पांडेय ने इस बात पर बल दिया कि जब तक नारी स्वयं जागृत नहीं होती तब तक कन्या भ्रूण हत्या पर प्रभावी अंकुश लगाना असंभव है। मुख्यातिथि लायंस संगठन 321/ए3 के जनपद अध्यक्ष राकेश त्रेहान ने कहा कि नारी सशक्तिकरण एंव कन्या भ्रूण हत्या जैसे सजिंदा विषय पर क्लब जनमानस में जागृति लाने का निरंतर प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस कमेटी सिरसा शहरी के प्रधान भूपेश मेहता ने की।
इस अवसर पर जनपद के उपाध्यक्ष सुभाष गुप्ता, र्स्वणकार सभा के सरंक्षक रूप राम सोनी, अरूण मेहता, अनिल डूमड़ा ने विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत की। समारोह में उन 14 दंपतियों को ‘पथप्रदर्शक दंपति’ के सम्मान से नवाजा गया जो औलाद के रूप में केवल लड़कियों के साथ अपने परिवार को पूर्ण मानते हैं। इस मौके पर आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में एंबीशन इंस्टीटयूट के अशोक तथा वीशू कंबोज ने संयुक्त रूप से प्रथम, एस एस जैन स्कूल की निशा जांगड़ा ने द्वितीय और ईस्टवूड स्कूल डबवाली की विंध्य शर्मा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। राकेश त्रेहान ने सम्भाग-12 के अध्यक्ष मदन मेहता, प्रकल्प अधिकारी सतीश जग्गा, प्रदीप रातुसरिया, भीष्म मेहता, भीम भूढ़ी तथा संजय गांधी को जनपद की विशेष लैपल पिन लगाकर सम्मानित किया। हिसार से आए सुरेंद्र छिंदा नें कन्या भ्रूण हत्या पर लिखा अपना गीत ‘ओ दुनिया वालो’ गाया। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर संजीव शाद ने अपनी कविता ‘कलम मेरी दा पैर सी भारी’ से सामाजिक तानेबाने पर करारी चोट की। बेबी खुश्बू सोनी ग्रुप, अनुष्ठा, कविता ने गुरशिरत कौर ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी। प्रदीप रातुसरीया ने मेहमानो का स्वागत किया।