अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। प्रेमिका की गला दबाकर हत्या करने और शव को खुर्द-बुर्द करने के करीब दो साल पुराने मामले में अदालत ने दोषी संदीप को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने संदीप को 26 मार्च को धारा 302 और 201 में दोषी करार दिया था। जुर्माना न भरने पर दोषी को अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
पुलिस को 4 फरवरी 2017 को दी शिकायत में युवती के पिता ने बताया था कि उसकी चार लड़कियां व एक लड़का है और वह गांव में ही नाई की दुकान चलाता है। उसकी दो बेटियों की शादी आठ फरवरी 2017 को तय हुई थी। उसकी 19 वर्षीय दूसरी बेटी आईटीआई में पढ़ती थी। उसने शिकायत में बताया कि रोजाना की भांति वह तीन फरवरी को भी आईटीआई गई थी, लेकिन देर शाम तक नहीं लौटी। उसकी काफी जगह तलाश की गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। इस कारण अगले दिन उसने भट्टू थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। बाद में पता चला कि उसकी बेटी गांव के ही युवक संदीप के साथ बाइक पर बैठकर गई थी। उसके बाद बेटी का शव सदलपुर गांव के पास सरसों के खेतों में पड़ा मिला। जब मौके पर गया तो पता चला कि उसकी बेटी की गला दबाकर हत्या की गई थी। शिकायत में मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि संदीप और उसकी बेटी का प्रेम-प्रसंग चल रहा था, लेकिन संदीप ने उसकी बेटी की हत्या कर दी।
युवती बोली थी, मैं शादी नहीं करना चाहती, तुम्हारे साथ रहना चाहती हूं
आदमपुर पुलिस ने पांच फरवरी 2017 को संदीप को हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि वह शादीशुदा है और पड़ोस में रहने वाली युवती के साथ उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती उससे शादी का दबाव बना रही थी, जिसके चलते उसने हत्या की। उसने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वारदात वाले दिन वह युवती को बाइक पर बैठाकर आदमपुर लेकर गया था। रास्ते में युवती ने उसे बताया कि उसकी शादी तय हो गई है और पांच दिन बाद शादी होनी है। उसने कहा कि वह वहां शादी नहीं करना चाहती और तुम्हारे साथ रहना चाहती है। फिर दोनों सदलपुर गांव के पास गए और एक सरसों के खेत में चले गए। वहां पर संदीप ने युवती से संबंध भी बनाए। पुलिस को दिए बयान के अनुसार संदीप ने कहा कि उसने युवती की चुन्नी खुद के गले में डाल ली। इस पर युवती ने उससे कहा कि पहले उसे मार दो। इसके बाद संदीप ने चुन्नी से उसका गला घोंट कर हत्या कर दी। उसके बाद चुन्नी, उसका कड़ा, नोट्स आदि सामान उसके बैग में डाल दिया। फिर आदमपुर के लिए निकल पड़ा। कुछ देर बाद दोबारा वह युवती के शव के पास गया और उसे ठिकाने लगाने की सोची। दिन होने के कारण वहां लोगों का आना-जाना देखकर वह ऐसा नहीं कर सका। इसके बाद उसने सामान लिया और बाइक पर सवार होकर गांव की तरफ चल पड़ा। रास्ते में चबरवाल गांव की नहर में एक-एक करके सामान फेंक दिया और मोबाइल की सिम को भी तोड़ दिया। मोबाइल फोन को भी उसने एक गड्ढे में दबा दिया। उसके बाद वह अपने घर चला गया। पुलिस ने रिमांड के दौरान सामान बरामद कर लिया था।