अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। हरियाणा पावर कारपोरेशन एससी बीसी कर्मचारी यूनियन ने बिजली निगम के डायरेक्टर पर उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाया। सभी 13 निलंबित कर्मचारियों का निलंबन रद्द करने व दोषी एसडीओ व लाइनमैन को एससी एसटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो जल्द ही अन्य सामाजिक संगठनों को साथ लेकर कोई बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इसी मांग को लेकर यूनियन का विद्युत सदन पर सीएमडी कार्यालय के समक्ष धरना व क्रमिक अनशन मंगलवार को 55वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता संयुक्त सचिव चंद्रप्रकाश वर्मा ने की, वहीं हरजीत सिंह व अविनाश खरौलिया क्रमिक अनशन पर बैठे।
धरने को संबोधित करते हुए चंद्रप्रकाश वर्मा ने कहा कि डायरेक्टर अन्य यूनियनों के दबाव में आकर एससी बीसी कर्मचारियों को जाति तौर पर उत्पीड़न व भेदभावपूर्ण कार्रवाई करते हुए भाजपा सरकार को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने अपनी मर्जी से 12 कर्मचारियों को बहाल किया है, जो यूनियन को मान्य नहीं है। यूनियन की मांग है कि सभी 13 कर्मचारियों का सम्मानजनक तरीके से निलंबन रद्द किया जाए। राज्य वरिष्ठ उपप्रधान धर्मवीर सेलवाल ने कहा कि एक्सईएन हांसी ने एससी बीसी कर्मचारियों की झूठी जांच रिपोर्ट दी है, जो पूरी तरह से गलत है। उस रिपोर्ट में कोई सच्चाई नहीं है और यह केवल एससी बीसी यूनियन को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम की किसी उच्चाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस मौके पर धरना प्रदर्शन में वजीर सिंह सोनीपत, राजकुमार माहला, बलजीत जेई सोनीपत, अनिल फोरमैन, सतपाल भानखड़ व राजेंद्र गहलोत आदि मौजूद थे।