अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
मुझे 72 घंटे पहले तक राज्यसभा जाने की कोई उम्मीद नहीं थी। तीन दिन पहले पार्टी मुख्यालय में मुझे बुलाकर राज्यसभा सदस्य बनाने जाने के लिए पूछा था। पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि आप जनरल होते हुए पिछले चार साल से पार्टी के लिए सिपाही की तरह काम कर रहे हो। इस कारण पार्टी आपको जिम्मेदारी देना चाहती है।
अमर उजाला से बातचीत में डीपी वत्स ने कहा कि पार्टी के निर्देश पर मैं फिलहाल चंडीगढ़ पहुंच गया हूं। सोमवार को नामांकन करेंगे। इसके बाद चुनाव के प्रचार के लिए जाएंगे। मैं सभी से वोट की अपील करूंगा। भरोसा जताने के लिए मैं पीएम मोदी, अमित शाह, सुरेश भट्ट, सुभाष बराला, सीएम मनोहर लाल का आभारी हूं। जब डीपी वत्स से पूछा कि आपका नाम चर्चा में नहीं था, फिर भी आपको कैसे प्रत्याशी बनाया गया। इस पर उन्होंने कहा कि मैं एक फौजी हूं, कर्म में विश्वास करता हूं। पिछले चार साल से भाजपा के लिए काम कर रहा हूं। मैं ग्राउंड लेवल पर काम करता रहा। यह भाजपा की मेहरबानी है कि उन्होंने जमीनी स्तर पर काम करने वाले की पहचान कर इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने का फैसला लिया।
इन मामलों में की आवाज बुलंद
डीपी वत्स ने कहा कि मैं पूर्व सैनिकों के लिए लगातार लड़ा। खाप पंचायतों को ऑनरकिलिंग मामले में नाम हटाने के मामले को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट तक आवाज बुलंद की। आरक्षण दंगों के समय शांति बहाली करने के लिए पहल करते हुए शांति सद्भावना बैठकों का आयोजन कराया।
हरियाणा की पांच में से तीन राज्यसभा सीट हिसार को
जरनल डीपी वत्स के राज्यसभा सदस्य बनने से हिसार जिला राजनीतिक तौर पर सबसे अधिक राज्यसभा सदस्य वाला जिला होगा। इससे पहले सुभाष चंद्रा राज्यसभा सदस्य हैं। हिसार की रहने वाली कुमारी सैलजा भी राज्यसभा सदस्य हैं। हरियाणा में राज्यसभा की कुल पांच सीटें हैं। इनमें तीन सीटों पर हिसार का कब्जा होने वाला है।
दो भाई और एक बेटा-बेटी भी आर्मी में
डीपी वत्स के सहपाठी गांव थुराना निवासी रामदिया पान्नू, सुरेश पान्नू और अनंतराम शर्मा ने बताया कि जनरल डीपी वत्स गांव थुराना के ही हाई स्कूल में पढ़े हैं। गांव से दसवीं करने के बाद उन्होंने हिसार के डीएन कॉलेज से मेडिकल साइड से पढ़ाई पूरी कर रोहतक पीजीआई से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। साधारण परिवार में जन्मे डीपी वत्स के पांच भाई और दो बहनें हैं। इनके दो भाई भी आर्मी में हैं। पत्नी गृहणी हैं और एक बेटा और दो बेटियां हैं। बेटा और एक बेटी भी आर्मी में हैं। इनके पिता अध्यापक थे। अग्रोहा के मेडिकल कॉलेज में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।