अमर उजाला ब्यूरो
हिसार
डेरा प्रमुख संत राम रहीम की कोर्ट में पेशी के दिन शहर का माहौल पशोपेश में रहा। रोडवेज सेवा पूरी तरह से ठप रही। निजी बस संचालकों ने भी अपनी बसें नहीं चलाईं। लोग निजी वाहनों से इधर-उधर जाते जरूर दिखे। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि आगामी आदेशों तक सेवा पूरी तरह से ठप रहेगी। मुख्यालय ने शनिवार को भी रोडवेज सेवा बंद करने के आदेश जारी किए हैं।
डर के साये में रोडवेज, मांगी अतिरिक्त सुरक्षा बल
रोडवेज प्रबंधन पंचकूला, सिरसा सहित दूसरे जिलों में तोड़फोड़ और आगजनी की सूचना के बाद डर के साये में है। प्रबंधन ने जिला प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मांग की है। प्रशासन ने एक कंपनी यानी 90 जवानों के स्थान पर रोडवेज की सुरक्षा में 150 जवान लगा दिए हैं। 10 महिला कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई गई है। इनके साथ एक महिला इंस्पेक्टर, एक डीएसपी, पांच नॉन गजटिट अधिकारी तैनात हैं। इंस्पेक्टर कविता ने बताया कि बस स्टैंड पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हैं, अगर जरूरत पड़ी तो और इंतजाम किए जाएंगे।
पहले दिन 15 लाख रुपये का घाटा
रोडवेज को पहले ही दिन 15 लाख की चपत लग गई है। रोडवेज डिपो से एक भी बसें बाहर नहीं निकली। रात को ही सभी रूटों से बसें डिपो में वर्कशॉप परिसर में खड़ी कर दी थीं। रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक सभी बसें डिपो में पहुंच गईं।
निजी बस संचालकों ने भी नहीं चलाई बसें
निजी बस संचालकों ने भी अपनी कोई बस नहीं चलाई। सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने अपनी बसें फेज वन और सेक्टर-14 में खाली पड़ी मार्केट में खड़ी कर दी। सुरक्षा के लिहाज से रोडवेज बस चालक अपनी बसों की निगरानी करते रहे।
हिसार डिपो की शनिवार को भी बसें नहीं चलेंगी। पहले दिन रोडवेज को करीब 15 लाख रुपये का घाटा लगा है। हमने सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रशासन को कहा है। -खूबीराम कौशल, जीएम रोडवेज
डिपो को पहले दिन 15 लाख का घाटा
- 90 सुरक्षाकर्मियों के स्थान पर लगाए 150 जवान, दोनों गेट कर दिए थे बंद
- 10 महिला कांस्टेबल थीं तैनात