अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
असेंबल एलईडी पर माइक्रोमैक्स का लेबल लगाकर उपभोक्ताओं से डुप्लीकेट सामान थमाया जा रहा था। पुलिस ने सुभाष मार्केट में छापा मारकर 14 एलईडी बरामद की। इसके अलावा 15 से 20 एलईडी का तैयार करने का सामान मिला। मौके से माइक्रोमैक्स के 375 स्टीकर बरामद किए गए। यहां सोनी, सेमसंग, इंटेक्स कंपनी के डुप्लीकेट 300 स्पीकर भी पकड़े गए। करीब 12 से 13 लाख कीमत होने का अनुमान है।
हिसार के डीलर्स की शिकायत पर प्रोटेक्ट आईटी सोल्यूशन प्रोड्यूसर कंपनी के अधिकारी सुरेंद्र कुमार, एरिया मैनेजर बलबीर सिंह, कपिल कुुमार एसपी मनीषा चौधरी से मिले थे। सिटी थाना एसएचओ ललित कुमार की टीम ने इन अधिकारियों को साथ लेकर बुधवार की शाम करीब चार बजे सुभाष मार्केट स्थित वर्मा इलेक्ट्रॉनिक्स पर छापा मारा।
यहां असेंबल एलईडी पर माइक्रोमैक्स का मोनोग्राम लगाकर उसे माइक्रोमैक्स की एलईडी बताकर बेचा जा रहा था। मौके से 17 असेंबल एलईडी बरामद की। इसके अलावा करीब 375 स्टीकर बरामद किए। यहां सोनी, सेमसंग, इंटेक्स के 300 स्पीकर भी बरामद किए। ब्रांडेड कंपनी के काफी बॉक्स भी मिले हैं। आरोपी वेदप्रकाश को कापी राइट एक्ट, ट्रेडर्स एक्त के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। मौके पर बरामद सामान को सील कर पुलिस के मालखाने में जमा कराया गया है।
कई छोटे शहरों सप्लाई
होलसेल के इस कारोबारी से बरवाला, सिवानी, टोहाना, फतेहाबाद के छोटे दुकानदार भी एलईडी लेकर जाते थे। होलसेल के कारोबारी की ओर से दुकानों तक ऑर्डर पर भी सप्लाई भेजी जाती थीं। माइक्रोमैक्स की 40 इंच की 32 हजार रुपये वाली एलईडी बताकर डुप्लीकेट एलईडी 20 हजार रुपये में बेची जा रही थी। 32 इंच की एलईडी 10-12 हजार में बेची जा रही थी।
सॉफ्टवेयर भी मिला
कंपनी को मौके पर आरोपी होलसेल कारोबारी के यहां सॉफ्टवेयर भी मिला। इस सॉफ्टेवयर के जरिये असेंबल एलईडी में कंपनी का नाम रिकॉर्ड किया जाता था। जिस कारण जब एलईडी को चालू किया जाता तो कंपनी का नाम लिखा आता था।
- सॉफ्टवेयर के जरिये कंपनी का नाम एलईडी में करते थे रिकॉर्ड