अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एसडीएम, आरटीए, रोडवेज जीएम के साथ रोडवेज यूनियन की करीब डेढ़ घंटा चली मीटिंग में फैसला हुआ कि नई पॉलिसी के तहत आई निजी ऑपरेटर्स किसी भी नई बस को अड्डे में एंट्री नहीं दी जाएगी। फैसले के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर 33 घंटे बाद हिसार डिपो की 212 बसों का संचालन बहाल कर दिया। शुक्रवार को भी हिसार रोडवेज डिपो के कर्मचारी चक्का जाम के फैसले पर कायम रहे। शुक्रवार को हांसी डिपो की 47 बसों को भी सुबह करीब नौ बजे बंद कर दिया गया था। हांसी-हिसार डिपो की कुल 212 बसों का संचालन बंद हो गया था। कर्मचारी यूनियनों ने दूसरे डिपो से आने वाली रोडवेज बस चालकों से भी अनुरोध किया कि वे बस को अड्डा परिसर में न लाएं। बसों को बाहर से ही वापस लेकर जाएं, जिससे हड़ताल पूरी तरह से कामयाब दिखे। रोडवेज की यूनियनों के पदाधिकारियों की परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, रोडवेज महाप्रबंधक अनीता यादव, परिवहन विभाग के अतिरिक्त प्रधान सचिव एसएस ढिल्लो से बातचीत हुई।
एसडीएम परमजीत चहल, आरटीए सुमित कुमार, रोडवेज जीएम खूबीराम कौशल ने यूनियन पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया। करीब तीन बजे जीएम कार्यालय में यह मीटिंग शुरू हुई। यूनियन की ओर से रमेश, विरेंद्र धनखड़, सरबत सिंह पूनिया, कुलदीप, रमेश श्योकंद, राम सिंह बिश्नोई, सतपाल ढाकला, बहादुर सिंह संडवा, रमेश माल, अरुण शर्मा, धर्मपाल सहित अन्य शामिल हुए।
मीटिंग में फैसला हुआ कि हांसी-हिसार में आ रही नई परिवहन पॉलिसी की 18 बसों को अड्डा परिसर में नहीं आने दिया जाएगा। अगर कोई बस अंदर आएगी तो आरटीए सख्त कार्रवाई करेगा। पुरानी पॉलिसी के तहत चल रही बसों का ही आवागमन रहेगा। फैसले के बाद यूनियनों ने हड़ताल खत्म कर करीब पौने छह बजे बसों का संचालन शुरू कर दिया। 33 घंटे से थमे 212 बसें फिर से चल पड़ी।
रोडवेज यूनियनों के साथ हुई मीटिंग में सहमति बनने के के बाद हड़ताल खत्म हो गई है। हांसी-हिसार डिपो की सभी बसों का संचालन शुरू हो गया है। अब किसी तरह की दिक्कत नहीं है।
-खूबीराम कौशल, महाप्रबंधक, रोडवेज हिसार।
सभी बसों को पुराने टाइम टेबल के हिसाब से चलाया जाएगा। मानक पूरा न करने वाली कोई बस नहीं चलेगी। हाईकोर्ट के आदेशों की पालना कराई जाएगी। टाइम टेबल की मीटिंग 21 को होगी।
-सुमित कुमार, आरटीए, हिसार
एसडीएम, जीएम, आरटीए के साथ हुई मीटिंग में सहमति हो गई है। नई बसों को नहीं चलाए जाने का भरोसा दिलाए जाने के बाद हड़ताल खत्म कर रहे हैं। 11 जून को पानीपत में होने वाली प्रदेश स्तर की मीटिंग में अगली रणनीति तय करेंगे।
- रमेश सैनी, रोडवेज कर्मचारी यूनियन हिसार
डिपो को 22 लाख का नुकसान
33 घंटे की हड़ताल से रोडवेज को करीब 22 लाख का नुकसान होने का अनुमान है। एक दिन की हड़ताल से 15 लाख का घाटा होता है। डिपो की 212 बसें रोजाना 70 हजार किलोमीटर दौड़ती हैं।
तीन दिन में 11 बस इंपाउंड, 26 के चालान
आरटीए की टीम ने शुक्रवार को तीन बसों को इंपाउंड किया। पांच बसों के चालान किए। तीन दिन में 26 बसों के चालान किए। 11 बसों को इंपाउंड किया गया। पुरानी परिवहन पॉलिसी के तहत करीब 130 निजी बसें चल रही हैं। इनमें हिसार-महम, हिसार-तोशाम, हिसार-टोहाना, हिसार-नरवाना प्रमुख हैं।
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-एसडीएम, जीएम, आरटीए के साथ हुई यूनियन पदाधिकारियों की मीटिंग
- डेढ़ घंटा चली मीटिंग में हुआ फैसला, शुक्रवार शाम पौने छह बजे फिर से शुरू हुईं बसें