फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संशोधित .....शहर को निर्बाध बिजली सप्लाई देने में फेल हुआ निगम, बार-बार गुल हो रही बती

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार। बेशक मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रदेश में बेहतर बिजली सप्लाई के लाख दावे करे, लेकिन बिजली निगम शहर में निर्बाध बिजली सप्लाई देने में फेल हो चुका है। कहीं ट्रिपिंग हो रही है तो कहीं बार-बार फ्यूज उड़ रहे हैं। बिजली निगम के अधिकारी शहर में निकलकर समस्या जानने कि बजाय एसी कमरों में बैठकर ही आश्वासन दे रहे हैं। बार-बार ट्रांसफार्मरों के ओवरलोड होने की बात कही जा रही है, लेकिन इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। जेई-एसडीओ से लेकर एक्सईएन-एसई जैसे उच्चाधिकारियों तक को समस्या से अवगत करवाने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं है। कुल मिलाकर शहर की बिजली व्यवस्था राम भरोसे हैं, जबकि अधिकारी ओवरलोड का हवाला देकर चुप्पी साध जाते हैं।

केस नंबर एक - कृष्णा नगर
बैंक कॉलोनी फीडर के एरिया कृष्णा नगर का सबसे बुरा हाल है। यहां लोगों को न दिन में सुकून है तो न ही रात में चैन की नींद। कृष्णा नगर में सोमवार रात को 10.30 बजे से लेकर 12.45 तक तीन बार बिजली गुल हुई। पहले 10.30 से 11.30 बजे तक ब्रेक डाउन बताया गया। जैसे ही ब्रेक डाउन के बाद बिजली आई तो उसके मात्र 20 मिनट बाद ही दोबारा सप्लाई गुल हो गई। रातभर लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। यही हाल मंगलवार रात को रहा। शाम 7.30 बजे लाइन ब्रेक डाउन हो गई। मगर नौ बजे तक तो कर्मचारियों को फाल्ट ही नहीं मिला। आखिरकार करीब 9.30 बजे बिजली आई। फिर कुछ देर बाद दोबारा कट लगा दिया गया।
विज्ञापन


केस नंबर दो - अर्बन एस्टेट
कृष्णा नगर की तरह ही अर्बन एस्टेट में भी बार-बार फ्यूज उड़ रहे हैं। यहां पुष्पा काम्प्लेक्स एरिया में बुधवार शाम 4 से 7 बजे तक ट्रिंपिंग होती रही। कभी फ्यूज उड़ गया तो कभी वोल्टेज कम रही। 4 बजे के बाद से करीब 5 बजे तक लाइन को बंद रखा गया। उसके बाद फ्यूज उड़ा तो कर्मचारी फ्यूज लगाकर चले गए। मात्र 15 मिनट बाद ही दोबारा फ्यूज उड़ गया। इसी तरह आधे घंटे बाद भी यही स्थिति रही। बार-बार लाइन मेंटेनेंस से जुड़े कर्मचारियों के पास उपभोक्ता फोन कर-करके समस्या बताते रहे।

अर्बन एस्टेट में तीन घंटे में 17 बार ट्रिपिंग
अर्बन एस्टेट के पुष्पा काम्पलेक्स एरिया में शाम 4 से 7 बजे तक तीन घंटे के दौरान 17 बार ट्रिपिंग हुई। तीन बार तो आधे घंटे से भी अधिक समय तक बिजली गुल रही है। इससे उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को भारी परेशानी से जूझना पड़ा।
विज्ञापन


असली स्थिति जानने फील्ड में नहीं निकलते अधिकारी
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली निगम के बड़े अधिकारी सारा दिन एसी कमरों में बैठकर फोन पर ही रिपोर्ट लेते रहते हैं। कभी फील्ड में जाकर उपभोक्ताओं को आ रही परेशानी की असली वजह जानने का प्रयास नहीं करते। कुछ ट्रांसफार्मरों के ओवरलोड की जानकारी होने के बाद भी उसका समाधान नहीं किया जा रहा है। उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत देने के बाद भी जांच करवाने की बात कहकर मामला टाल दिया जाता है लेकिन फिर जांच करने कोई नहीं आता है।

बिजली निगम के एसई रजनीश गर्ग से सीधी बातचीत
संवाददाता - शहर में बिजली व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है सर, बिजली निगम क्या कर रहा है।
एसई - क्या इश्यू है बताइए।
संवाददाता - पूरे शहर में कहीं फ्लक्चूएशन है तो कहीं ट्रिपिंग हो रही है।
एसई - स्पेशिफिक एरिया बताइए, पूरे शहर का कहना तो आसान बात है।
संवाददाता - कृष्णा नगर में कई बार कट लग रहे हैं।
एसई - कट जान-बूझकर बंद करना होता है। ब्रेक डाउन होना अलग बात है। ब्रेक डाउन हुई होगी।
संवाददाता - तीन घंटे में कितनी बार ब्रेक डाउन होती है सर। दिन और रात में यही हाल है।
एसई - तो आपने एसडीओ या एक्सईएन को कॉल करनी चाहिए थी।
संवाददाता - एसडीओ-एक्सईएन को सारी जानकारी है। अर्बन एस्टेट में भी बुरा हाल है।
एसई - अर्बन एस्टेट की कंप्लेंड लॉज हुई है क्या।
संवाददाता - लाइनमेन आता है, फ्यूज ठीक कर जाता है। बार-बार फ्यूज उड़ रहा है।
एसई - मैं एक्सईएन को बोलता हूं। मैं चेक करवाता हूं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें