अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कहा अगर सरकार प्रदेश में छात्र संघ चुनाव की घोषणा करती है तो इनसो पहला चुनाव नहीं लड़ेगी। राजनीतिक रूप से एक वर्ष तक किसी भी कार्यक्रम में प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय में वह कदम नहीं रखेंगे।
जीजेयू में आमरण अनशन के तीसरे दिन इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा समर्थित छात्र संगठन इनसो पर शिक्षण संस्थान में राजनीति का आरोप लगा रहे हैं। दिग्विजय ने कहा कि इनसो केवल छात्र हितों के लिए चुनाव चाहती है, न कि राजनीति के लिए। दिग्विजय ने कहा कि मैं कसम खाता हूं कि यदि इसी समय हरियाणा सरकार छात्र संघ के चुनाव की घोषणा कर देती है तो मैं अपना अनशन तोड़कर सीधे अपने घर चला जाऊंगा। अगले एक वर्ष तक छात्र राजनीति और छात्र संघ के चुनाव के लिए किसी विश्वविद्यालय की दहलीज पर कदम नहीं रखूंगा। दिग्विजय चौटाला ने दूसरे छात्र संगठनों से अपील की कि वे घटिया मानसिकता को छोड़ कर छात्र संघ चुनाव बहाली के लिए एक मंच पर आएं। असामाजिक तत्वों की पहचान करने के लिए वे अपने स्तर पर धरनास्थल सहित कुछ जगहों पर कैमरे लगवा रहे हैं। नेशनल कॉलेज सिरसा के एनएसयूआई के प्रधान रहे कुलदीप जांगू ने इनसो ज्वाइन की। नरवाना से इनेलो विधायक पिरथी नंबरदार भी अनशन स्थल पर समर्थन देने पहुंचे। धरने पर इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देसवाल, जिला चेयरमैन सिल्क पूनिया, जिला अध्यक्ष आशीष कुंडू, युवा जिला अध्यक्ष अमित बूरा, जस्सी पेटवाड़, रवि आहुजा, गौरव सैनी, संदीप डूडी, अनिल घनघस, शगुन भारद्वाज, मोहित बामल, सतीश लौरा उपस्थित थे।
इनसो का कोई भी पदाधिकारी शिक्षण कार्य बाधित नहीं करेगा
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि प्रशासन बेफिक्र होकर कक्षाएं शुरू करवाएं। इनसो का कोई भी पदाधिकारी किसी भी कक्षा में जाकर शिक्षण कार्य बाधित नहीं करेगा। जीजेयू में छठा वेतन आयोग के लिए शिक्षकों के आंदोलन को इनसो ने समर्थन दिया था। नॉन टीचिंग के धरने पर भी इनसो ने समर्थन दिया। ऐसे में टीचिंग और नॉन टीचिंग छात्र संघ चुनाव का समर्थन करें।
हुड़दंग करने की कोशिश
आमरण अनशन स्थल पर लगे टेंट में रात को शरारती तत्वों ने हुड़दंग करने की कोशिश की। इन्होंने शराब पी रखी थी। अपने आपको किसी छात्र संगठन से जुड़ा बता रहे थे। वहां तैनात पुलिसकर्मी आए तो हुड़दंगी मौके से भाग गए।
दुष्यंत बोले, वीसी साहब! मैं बतौर छात्र आया हूं...
बातचीत करने पहुंचे कुलपति टंकेश्वर कुमार ने सांसद से धरना खत्म कराने की मांग रखी तो दुष्यंत बोले, वीसी साहब! मैं आज यहां पर बतौर सांसद नहीं, बल्कि गुजवि के एक छात्र की हैसियत से आया हूं। आप मुझे गुरु की हैसियत से एक शिष्य को छात्र संघ चुनाव कराने की घोषणा कर मुझे अनुग्रहित करें। कुलपति ने कहा, दो दशक तक मैंने भी छात्र संघ के चुनाव लड़कर प्रतिनिधित्व किया है। दुष्यंत बोले, सर फिर आप सामने क्यों खड़े हैं, आम हमारे साथ ऊपर आइये ना। कुलपति मुस्कराकर रह गए और बोले कि मैं तो अनशनकारी विद्यार्थियों का हालचाल जानने आया हूं और आपकी बात सरकार तक पहुंचा दी है।