हिसार।
स्वर्ण जयंती और खेल महाकुंभ के समापन समारोह में एंकरिंग के लिए पहुंचे फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा ने युवाओं में आते ही जोश भर दिया। सबसे पहले उन्होंने हरियाणवी बोली में कहा राम-राम बाऊ जी। उनके ये बोलते ही तालियां बज उठी। उन्होंने युवाओं को कहा कि अपनी बोली देश-विदेश में पसंद की जा रही है। उन्होंने ये भी कहा कि आपणी बोली में दम है। यह बोली दुनिया में पहचान बना चुकी है, लेकिन हम बोलने से डरते हैं। हम ये समझते हैं हरियाणवी बोलेंगे तो लोग हमें गंवार (अनपढ़) समझेंगे, लेकिन मुझे बोलने में कोई परहेज नहीं है, बेशक लोग गंवार समझेंगे। युवाओं को ठान लेना चाहिए कि हमें आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता। आपणी बोली दब कै बोलणी चाहिए।
बुलेट के पीछे बैठ राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए लगाया चक्कर
रणदीप हुड्डा स्टेज से नीचे आए और पुलिस जवान के बुलेट पर पीछे बैठकर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए स्टेडियम का चक्कर लगाकर युवाओं में देशभक्ति का जज्बा भरा। उन्होंने राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। ठेठ हरियाणवी में उन्होंने जय बोला तो पंडाल तालियों से गूंज से उठा। हुड्डा ने हरियाणा के लोगों को मेहनत करने की नसीहत देते हुए कहा कि खून-पसीना बहाना हमारी फितरत में है। आज हरियाणा वालों ने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई हुई है। उन्होंने युवाओं का कहा कि अपनी किस्मत अपने हाथ में होती है। किसी के भरोसे न रहो और आगे बढ़ो। हम अपने लक्ष्य में तभी कामयाब हो सकते हैं, जब हम सभी की इज्जत करें।