अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
सेशन जज प्रमोद गोयल की अदालत ने चेन स्नेचिंग के मुकदमे में रेवाड़ी के धारूहेड़ा की महिला बबली को दो साल की कैद और 3000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने उसे सोमवार को दोषी करार दिया था। जीआरपी ने इस संबंध में 20 जुलाई 2016 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार वन विभाग का कर्मी शिव नगर निवासी बलबीर सिंह अपनी भाभी बिमला के साथ रेलवे स्टेेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर खड़े थे। उनको भिवानी जाना था। तभी जयपुर-हिसार वाली ट्रेन आई थी। ट्रेन वाया भिवानी वापस जानी थी। देवर-भाभी ट्रेन में चढ़ने लगे थे। तभी बिमला के गले से चेन तोड़ ली गई थी। बिमला को इसकी भनक लग गई थी। उसने अपनी चेन को खोजने के लिए आसपास देखा तो पता लगा कि एक महिला बच्चे को गोद में उठाए स्टेशन से बाहर की ओर से भाग रही थी। बिमला को शक हुआ कि भाग रही महिला ने ही उसकी चेन तोड़ी है। बिमला ने भागने का प्रयास कर रही आरोपी बबली को पकड़कर पुलिस मौके पर बुला ली थी। पुलिस ने बबली से बिमला की टूटी हुई चेन बरामद की थी। जीआरपी ने बबली के खिलाफ केस दर्ज किया था। अदालत ने आरोपी महिला को छीना-झपटी का दोषी मानकर सजा सुनाई है।