अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अर्बन इस्टेट टू के कम्युनिटी सेंटर में निगम की तरफ से लगाए गए स्पेशल कैंप में कॉमर्शियल मार्केट की वेलफेयर एसोसिएशन, आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने प्रॉपर्टी टैक्स भरने से इनकार कर दिया। उन्होंने कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, ईओ, मेयर को खरी-खरी सुनाई। सेक्टरवासियों ने कहा कि टैक्स किस बात का, हमारे यहां आपने सड़कें देखीं। दो साल से सड़कें ही नहीं बना पा रहे। इन सड़कों पर गड्ढे ऐसे हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल है। उन्होंने चार डिमांड रखी। पदाधिकारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन भी देना चाहा मगर अधिकारियों ने इसे लेने से इनकार कर दिया। कमिश्नर सहित सभी अधिकारी बोले आप ये ज्ञापन तो ऑफिस में आकर दो। यहां हम टैक्स लेने के लिए आए हैं।
कॉमर्शियल मार्केट के प्रधान एवं रिटायर्ड प्रोफेसर हरीश जुनेजा ने कमिश्नर से कहा कि साहब आप यहां टैक्स लेने के लिए तो आ गए, लेकिन हमारे सेक्टर को तो आपने दो साल से कॉलोनी बना डाला। सीवरेज यहां ठीक तरह से काम नहीं कर रहे। स्टार्म वाटर सिस्टम यहां काम नहीं कर रहे। शहर को स्ट्रे कैटल फ्री आप नहीं कर पाए। सड़कों का हाल तो सब जानते ही हैं। इस पर कमिश्नर ने कहा कि ये काम सब होंगे। जो निगम के पास है, वो निगम जरूर करवाएगा। सड़कों को लेकर टेंडर लगे हुए हैं, जो ओपन भी हो चुुके हैं। सीवरेज पानी का काम हुडा देखेगा। निगम का पूरा अमला मौजूद था। करीब एक घंटे तक विवाद चलता रहा। आखिर में उन्होंने टैक्स भरने का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने निकलते वक्त अपील की कि लोग टैक्स न भरें। उन्होंने एलान किया कि विशेषकर कॉमर्शियल प्रॉपर्टी मालिक तो तब तक टैक्स नहीं भरेंगे, जब तक उनकी समस्याओं का हल नहीं हो जाता।
नहीं दे रहे डिस्काउंट
मौके पर मौजूद रेजीडेंट ने छूट की मांग भी की। इस पर अधिकारियों ने छूट देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जुलाई तक छूट थी। इस पर रेजीडेंट बोले हम जुलाई में टैक्स भरने के लिए निगम में गए थे, लेकिन आप के स्टाफ ने बोला कि अभी नए साल के टैक्स को लेकर हमारा सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं, बाद में भर जाना।
ढाई लाख रुपये का टैक्स आया
निगम का पूरा अमला दो दिनों से कम्युनिटी सेंटर में कैंप लगाने को लेकर लगा हुआ था। इसके बावजूद निगम केवल 2 लाख 45 हजार रुपये की एकत्रित कर पाया। कॉमर्शियल प्रॉपर्टी मालिकों ने टैक्स नहीं भरा।
हर शनिवार को लगाएंगे कैंप : कमिश्नर
कमिश्नर अशोक बंसल ने कहा कि हर शनिवार को कैंप लगाया जाएगा। इसके साथ ही खुला दरबार भी लगेगा। टैक्स जमा करवाने वाले आएंगे और वे अपने एरिया की समस्याएं भी बताएंगे। कैंप के दौरान शनिवार को भी जो समस्याएं आईं, उनका मौके पर समाधान हुआ है।
कॉमर्शियल प्रॉपर्टी मालिकों ने टैक्स भरने का तब तक बहिष्कार कर दिया, जब तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं होता। आरडब्ल्यूए के प्रधान रामनिवास गोयल ने भी हमारा समर्थन किया है। अर्बन इस्टेट टू में 1680 घर हैं, 100 दुकानें हैं टैक्स देने वाले केवल 80 ही थे। बाकी लोगों का मूक विरोध हैं।
-हरीश जुनेजा, प्रधान कॉमर्शियल वेलफेयर एसोसिएशन
फोटो 52 व 53
- एसोसिएशन के प्रधान ने कहा, शिकायत दूर होने तक न भरें टैक्स