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बच्चे को बेचने की आरोपी महिला काबू

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बरवाला।
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शहर के वार्ड-14 से एक बच्चे का अपहरण कर उसे 25 हजार रुपये में बेचने की आरोपी महिला को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महिला सावित्री को बस अड्डे से गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस ने रोहतक से बच्चे को बरामद कर उस महिला बाला देवी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, जिसने यह बच्चा सावित्री से लिया था। सावित्री को पुलिस सुबह अदालत में पेश करेगी, वहीं बच्चे पंकज को सीडब्ल्यूसी को सौंपा जाएगा। पुलिस ने पंकज उर्फ मोहित के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष करवाए हैं। डीएसपी जयपाल सिंह, थाना प्रभारी गौरव शर्मा के समक्ष आरोपी महिला सावित्री ने बताया कि 21 जून 2013 को जब पंकज घर के बाहर खेल रहा था, तब उसने अपहरण कर लिया था। उस समय पंकज पांच साल का था। आरोपी ने बताया कि वारदात को अंजाम देने में दो-तीन लोग अन्य शामिल हैं। पंकज के क्षेत्र में ही रहने वाली सावित्री एक स्कॉर्पियो में उठाने के लिए पहुंची थी, गाड़ी में एक चालक और दो अन्य लोग सवार थे। पंकज को सावित्री ने यह कहते उठा लिया था कि वे उसे नए कपड़े दिलाएंगे। बच्चे को लालच देकर महिला, गाड़ी में सवार लोग उसे रोहतक ले गए। वहां सावित्री ने बाला देवी को ढाई लाख में नहीं महज 25 हजार रुपये लेकर दे दिया, जबकि 10 हजार रुपये बाद में देने की बात कही।
सावित्री के बच्चे हैं अनाथालय में
पंकज का अपहरण करने वाली सावित्री के तीन बच्चे अभिषेक, शिवा और अनिकेत लखीराम अनाथालय में रहते हैं। यहीं बाला देवी भी एक लड़के को गोद लेने के लिए कई बार आती थी। इसी बीच सावित्री को यह मालूम हो गया कि बाला देवी को एक बेटा गोद लेना है। इसी बात का फायदा उठाकर उसने पंकज का अपहरण कर बाला देवी को बेच दिया। बाला देवी आंगनबाड़ी में काम करती है। उसके पति की कई साल पहले मौत हो चुकी है। दो बेटियां होने के चलते उसने बेटा गोद लेने की सोची थी।
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बच्चा बोला, मम्मी बाला के साथ रहूंगा
पंकज उर्फ मोहित से जब यह पूछा गया कि वह अब किसके पास रहना चाहता है तो उसने कहा कि वह तो अपनी मम्मी बाला के साथ रहेगा। मम्मी उसका पूरा ख्याल रखती है। सुबह तैयार कर स्कूल भेजने के बाद काम पर चली जाती है। इसके अलावा मुझे जो चीज चाहिए, बाला मम्मी उसे देती है। पंकज का कहना है कि जो लोग मुझे अपना बच्चा कह रहे हैं, मैं तो उनको पहचानता ही नहीं। रोहतक के जैन स्कूल में पांचवीं में पढ़ने वाला मोहित कहता है कि वह बड़ा होकर पुलिस अफसर बनना चाहता है।
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चार साल पहले हुआ था अपहरण
बता दें कि 21 जून 2013 को पंकज के गायब होने की सूचना पर पुलिस ने उसके चाचा राजबीर की शिकायत पर गुमशुदगी का केस दर्ज किया था। डीएसपी जयपाल सिंह ने बताया कि आरोपी महिला को सुबह अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पूछताछ में मालूम किया जाएगा कि उसने अन्य बच्चों का अपहरण तो नहीं किया है।

फोटो - 65
बोली- ढाई लाख में नहीं 25 हजार में बेचा था बच्चा
- मामले में तीन लोग और भी हैं शामिल
- पुलिस कर रही तलाश
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