अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
धान्सू रोड स्थित नंदीशाला में दो हजार नंदी राम भरोसे हैं। नंदीशाला में न तो छाया है और न ही पर्याप्त चारे की व्यवस्था है। नतीजतन भूख-प्यास के चलते प्रतिदिन नंदी दम तोड़ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को भेजी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
धांसू रोड की नंदीशाला में पशुओं की मौत का मुद्दा उठने के बाद मामला मेनका गांधी तक पहुंचा था। इसके बाद केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी कार्यालय से प्राप्त निर्देशानुसार पर्यावरण एवं जीव रक्षा बिश्नोई सभा हरियाणा के महासचिव विनोद कड़वासरा ने तीन दिन पहले नंदीशाला का निरीक्षण किया। नंदीशाला में पशुओं के लिए छाया और चारे पानी की समुचित व्यवस्था नहीं थी। कड़वासरा ने इसकी विस्तृत रिपोर्ट मेनका गांधी को भेजी। वहीं व्हाट्स एप ग्रुप बिश्नोई सभा हरियाणा के माध्यम से बिश्नोई समाज को नंदीशाला की दुर्व्यवस्था बारे अवगत करवाया। नंदीशाला में दो हजार से अधिक नंदी हैं। इन पशुओं को रोजाना 200 क्विंटल हरे चारे की जरूरत है, जबकि सिर्फ 70 क्विंटल ही पहुंच रहा है। इसके अलावा सूखे चारे और रोजाना एक क्विंटल गुड़ भी मिले तो यह पशु ठीक से रह पाएंगे। प्रशासन की ओर से पानी की व्यवस्था बोर लगा कर की गई।
- दो हजार नंदी समाजसेवियों के रहमोकरम पर
- प्रतिदिन 200 क्विंटल चारे की जरूरत, मिल रहा 70 क्विंटल