शहर के पॉश इलाके मॉडल टाउन स्थित राजकीय हाई स्कूल में शनिवार सुबह छात्रों में चाकू चल गए। यहां कक्षा नौंवी के एक विद्यार्थी को उसी के स्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र ने चाकू से गोद दिया।
इस दौरान हमलावर युवक को भी शरीर में कई जगह चाकू लगे। वहीं बीच बचाव के लिए आई एक शिक्षिका भी घायल हो गई। घायल छात्रों को अस्पताल में दाखिल कराया गया है। किशोरों के बीच हुए इस खूनी संघर्ष ने पुलिस के साथ आमजन को भी सकते में डाल दिया है। घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार मॉडल टाउन स्थित राजकीय हाई स्कूल में शनिवार सुबह करीब नौ बजे प्रार्थना सभा के बाद विद्यार्थी कक्षाओं में पहुंचे ही थे कि कुछ देर बाद ही स्कूल में कक्षा सातवीं में पढ़ने वाला एक छात्र तीन अन्य साथियों के साथ स्कूल में पहुंचा।
वह कक्षा 9 में पढ़ने वाले छात्र महावीर कॉलोनी निवासी सुरेश (14) को बुला कर स्कूल में पानी की टंकी के पास ले आया। दोनों में यहां कुछ कहासुनी हुई और इसके बाद छात्र आपस में भिड़ गए। आरोप है कि सातवीं के छात्र ने अपने साथियों के साथ सुरेश पर चाकू से वार करने शुरू कर दिए।
उसके सिर में ईंटें भी मारी गई। छात्र आपस में इस तरह से गुत्थमगुत्था थे कि हमलावर छात्र को भी शरीर में कई स्थानों पर चाकू लगे।
कुछ दूरी पर मौजूद शिक्षिका बीच बचाव के आई तो उसे भी ईंट लगने से चोट आ गई। शोर सुन कर स्कूल स्टाफ मौके पर पहुंचा तो हमलावर वहां से भाग गए, जबकि दोनों छात्र वहां जख्मी हालत में पड़े रहे। छात्र सुरेश के शरीर को चाकुओं से वार कर बुरी तरह से गोदा गया है।
उसके सिर में ईंटों से किए प्रहार से भी चोटे आईं हैं। शिक्षक राजकुमार ने तत्काल अपनी गाड़ी से सुरेश को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया। दूसरे घायल छात्र को परिजन सिविल अस्पताल में लेकर गए।
दीवार फांद कर आए स्कूल
स्कूल के मुख्याध्यापक डॉ. आरपी नैन व अन्य शिक्षकों ने बताया कि कक्षा सातवीं का छात्र पिछले कई दिन से स्कूल नहीं आ रहा था। उसने मासिक टेस्ट भी नहीं दिए।
शनिवार सुबह स्कूल का मुख्यद्वार बंद था। वह अपने तीन अन्य साथियों को साथ लेकर स्कूल की दीवार फांद कर अंदर घुस गया और सीधा कक्षा नौ में सुरेश को बुलाने गया। इस बीच उसके साथियों में से एक ने वहां मौजूद शिक्षिका से पीटीआई के बारे में पूछा।
शिक्षिका ने उसे बताया लेकिन वह टीचर की ओर नहीं गया। कुछ देर बाद वहां पहुंचे सुरेश पर इन लोगों ने चाकू व ईंट से हमला कर दिया। शिक्षकों की मानें तो युवकों के पास तीन चाकू थे। इसमें एक चाकू काफी बड़ा था। शिक्षकों ने एक चाकू छीनकर बाद में पहुंची पुलिस को सौंपा।
..
कल हुई थी मारपीट
बताया गया है कि दोनों छात्रों के बीच किसी बात को लेकर पिछले कई दिन से विवाद था। शुक्रवार को सुरेश व उसके साथियों ने सातवीं के छात्र के ताऊ के लड़के के साथ मारपीट की थी।
शनिवार सुबह ही यह छात्र बदला लेने के लिए दोस्तों को साथ लेकर स्कूल पहुंच गया और सुरेश पर जानलेवा हमला कर दिया। हालांकि अस्पताल में पहुंचे हमलावर के भाई व ताई ने बताया कि उसे कुछ छात्रों ने मारा है। स्कूल स्टाफ ने उसे अस्पताल तक नहीं पहुंचाया, जबकि हालत गंभीर थी।
थाना सिविल लाइन पुलिस ने सातवीं के छात्र व उसके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। यह स्कूल की दीवार फांदकर झगड़ा करने की नियत से ही अंदर घुसे थे। घटना में इसे भी चोट आई हैं। पुलिस छानबीन में लगी हुई है।
- सतीश कुमार, जांच अधिकारी
एक्सपर्ट व्यू
आज के समय में अभिभावक अपने बच्चों को सुविधाएं दे रहे हैं, संस्कार नहीं। यही कारण है कि बच्चों में आत्मनियंत्रण की भावना कम होती जा रही है।
इसके अलावा आजकल फिल्मों, वीडियो गेम व मोबाइल पर मौजूद वीडियो में इतनी हिंसा दिखाई जा रही है, उसका असर भी बच्चे के दिमाग पर पड़ता है।
अगर किसी बच्चे में आत्मनियंत्रण की भावना नहीं है, तो इस स्थिति में उसके साथ कुछ भी ऐसा होता है, जो उसे पसंद नहीं है, तो वह अपना आत्म नियंत्रण खो देगा। हम पश्चिमी संस्कृति की तरफ दौड़ रहे हैं, जहां बच्चों में आत्म नियंत्रण नहीं है, वहां बच्चे बिल्कुल स्वतंत्र हैं।
- डॉ. नरेंद्र गुप्ता, मनोचिकित्सक