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साउथ बाईपास के पास बनेगा डेयरी प्लाजा, वहां शिफ्ट होंगी शहर की 316 डेयरियां

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। शहर की कालोनियों में चल रही डेयरियों की शिफ्टिंग का प्रोजेक्ट अब सिरे चढ़ने वाला है। साउथ बाईपास के पास बीड़ के रेवेन्यू एस्टेट में राजकीय पशुधन फार्म की 50 एकड़ जमीन पर डेयरी प्लाजा बनाया जाएगा। जहां शहर की 316 डेयरियों को शिफ्ट किया जाएगा।
नगर निगम प्रशासन को यह जमीन देने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है। अब जल्द ही पशुपालन विभाग द्वारा नगर निगम को कलेक्टर रेट पर जमीन ट्रांसफर करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उसके बाद अगले प्रयास होंगे।
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2010 में डेयरी शिफ्टिंग के लिए हुआ था सर्वे
खास बात यह है कि प्रदेश की सरकारों द्वारा हिसार में डेयरी शिफ्टिंग का प्रोजेक्ट पिछले 9 सालों से अटकाया हुआ है। साल 2010 में तत्कालीन हुड्डा सरकार ने शहर में डेयरी शिफ्टिंग के लिए सर्वे करवाया था। उस समय शहर में 292 डेयरियां मिली थीं। उस समय सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 5 से 15 पशुओं वाली 213 तथा 16 से 25 पशुओं वाली 42 डेयरी जबकि 26 से 50 पशुओं की 31 डेयरी चल रही थीं। वहीं छह अन्य डेयरियां थीं। इसके अलावा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी 2015 में हिसार में हुई पहली रैली में ही डेयरी शिफ्टिंग की घोषणा की थी। मगर तब से लेकर अब तक यह प्रोजेक्ट कागजों में ही उलझा हुआ था।

निगम प्रशासन ने की थी 100 एकड़ की मांग
नगर निगम प्रशासन की ओर से डेयरी शिफ्टिंग के लिए 100 एकड़ जमीन की मांग की गई थी। उसके बाद प्रदेश सरकार द्वारा शहर के चारों कोनों पर 25-25 एकड़ जमीन तलाशने के लिए कहा गया। निगम अधिकारियों द्वारा दिल्ली रोड पर गांव भगाना व सातरोड़, राजगढ़ रोड पर गांव गंगवा से आगे, चंदननगर के पास एचएयू की जमीन भी तलाश की गई। मगर कहीं भी उपयुक्त जमीन नहीं मिल पाई। इसके बाद बीड़ के पास की 50 एकड़ जमीन का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया, जो अब मंजूर हुआ है।

इसलिए की जा रही शिफ्टिंग की मांग
दरअसल, डेयरियों की शिफ्टिंग की मांग इसलिए की जा रही है क्योंकि घरों में चल रही डेयरियों के कारण सीवरेज जाम की सबसे बड़ी समस्या बन रही है। इसके अलावा कालोनी में पशुओं का गोबर एकत्रित होने से स्वच्छता भी नहीं बढ़ पा रही है। मच्छर-मक्खियों की भरमार से लोग परेशान हैं। पशुओं के मल-मूत्र व डेयरियों की गंदगी सड़कों पर बिखरी रहती है। इसलिए लंबे समय से शहरवासी इन डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की मांग उठाते रहे हैं।
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डेयरी शिफ्टिंग के लिए जमीन देने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार के पास भेजा हुआ था। जीएलएफ की 50 एकड़ जमीन देने के लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है। अब जल्द ही जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी।
- रामजीलाल, अधीक्षक अभियंता, नगर निगम
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