अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। दो छात्राओं की डेंगू से मौत का हवाला देकर अर्बन एस्टेट स्थित विश्वास स्कूल के बच्चों की छुट्टी कर दी गई। मगर फिर भी पूरे दिन स्कूल प्रबंधन ऐसी जानकारी से नकारता रहा। छात्राओं के परिजनों के अनुसार विद्यार्थियों ने स्कूल प्रबंधन के समक्ष स्कूल में मच्छर ज्यादा होने की शिकायत की थी। मगर फिर भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जब छात्राओं की मौत हुई तो स्कूल में फॉगिंग भी हो गई और जलभराव में तेल भी डलवा दिया गया। मृतक छात्रा के पिता राजेश्वर ने बताया कि बच्चों ने स्कूल मेें ज्यादा मच्छर होने की शिकायत स्कूल प्रबंधन से की थी। इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन की ओर से इस पर ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब भी पिछले कई दिनों से बच्चे घर आकर बोल रहे थे कि कक्षा में उनको मच्छरों से काफी परेशानी होती है।
बाद में स्कूल के गेट बंद कर दिए गए
नाम न छापने की शर्त पर एक अभिभावक ने बताया कि उनके बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं। शुक्रवार को स्कूल जाने के बाद कुछ देर में ही बच्चे वापस घर आ गए। जब उन्होंने इसकी वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि स्कूल में प्रार्थना सभा में बताया गया कि स्कूल की दो छात्राओं की डेंगू के कारण मौत हो गई है, इसलिए छुट्टी की जा रही है। इसके बाद स्कूल के गेट बंद कर दिए गए।
आनन-फानन में टीमें भेजी गईं
डेंगू से मौत होने की खबर मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। मलेरिया रोकथाम विभाग की तरफ से जिंदल कॉलोनी, विश्वास स्कूल, सिरसा रोड, अर्बन एस्टेट, उत्तम नगर, तेजा मार्केट एरिया, मील गेट, सुंदर नगर कॉलोनी आदि में चेकिंग अभियान शुरू किया गया। हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम ने इन एरिया में सैंपल लिए व लारवा रोकथाम के लिए फॉगिंग करवाई गई। इसके अलावा इन एरिया में पानी वाली जगहों पर दवाई का छिड़काव करवाया गया।
निजी अस्पतालों ने क्यों नहीं भेजी रिपोर्ट
यहां निजी अस्पतालों की ओर से भी लापरवाही सामने आ रही है। तीन छात्राओं को डेंगू था और उनका दो निजी अस्पतालों में इलाज भी चलाया गया। मगर इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग और मलेरिया विंग को कोई सूचना नहीं दी गई, जबकि सरकारी नियम है कि मलेरिया या डेंगू का मरीज आते ही सबसे पहले सूचना मलेरिया विंग को देनी है।
साफ पानी में पैदा होता है डेंगू का मच्छर
डेंगू एडीज मच्छर के जरिये फैलता है और यह मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। अकसर इसके लारवा घरों में पानी की टंकी, कूलर आदि में पाए जाते हैं। एडीज मच्छर दिन के समय काटता है और शरीर के नीचे के हिस्से में ही काटता है। डेंगू होने पर मरीज को अचानक तेज बुखार हो जाता है। छाती, सिर, आंखों में व शरीर के जोड़ों में तेज दर्द होने लगता है। भूख लगना बंद हो जाती है और बार-बार उलटियां आती हैं। सरकार की तरफ से डेंगू टेस्ट के लिए 600 रुपये का रेट फिक्स किया हुआ है।
हिसार में अब तक के मामले
- 2018- डेंगू के कुल 499 सैंपल आए, जिनमें से 219 केस पॉजिटिव पाए गए। इनमें से 121 केस शहर के थे व मलेरिया के 92 पॉजिटिव केस सामने आए हैं।
- 2017 में डेेंगू के कुल 538 पॉजिटिव केस दर्ज हुए थे। इनमें से 354 केस शहरी एरिया के थे। इसके अलावा मलेरिया के कुल 168 केस सामने आए थे।
- 2016 में डेंगू के कुल 496 केस सामने आए व मलेरिया के 197 केस दर्ज हुए थे।
- 2015 में डेेंगू के कुल 1140 केस दर्ज हुए थे व मलेरिया के 118 केस दर्ज हुए थे।
- 2014 में डेंगू के कुल 17 केस सामने आए व 582 केस मलेरिया के दर्ज हुए थे।
डेंगू की सूचना मिलते ही संदिग्ध स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। पानी के सैंपल लिए, लेकिन डेंगू का लारवा कहीं से नहीं मिला है। मच्छर पैदा होने के संभावित स्थानों पर दवाई डलवाई गई है। फॉगिंग भी करवाई गई। विश्वास स्कूल और जिंदल कॉलोनी में भी स्पेशल चेकिंग अभियान चलाया गया। -सुखबीर सिंह, हेल्थ इंस्पेक्टर, हिसार
बच्चों के अभिभावकों ने किस तरह के आरोप लगाए हैं, इसके बारे में हमारे पास कोई सूचना नहीं है। अगर ऐसी कोई बात है तो चर्चा करेंगे।
-दिनेश कुमार, प्रिंसिपल, विश्वास स्कूल