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किसानों ने मुआवजा राशि न मिलने पर बैंक को जड़ा ताला

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अमर उजाला ब्यूरो
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बास (हिसार)। करीब आधा दर्जन गांवों के किसानों ने सोमवार सुबह गांव भाटोल जाटान की बैंक शाखा पर ताला जड़ दिया। किसानों के खातों से बैंक ने बीमा प्रीमियम काट लिया, लेकिन बीमा कंपनी ने न तो पैसा भेजा और न ही बीमे से संबंधित कागजात बीमा कंपनी को भेजे। इस कारण करीब 1000 किसान बैंक की लापरवाही के कारण बीमा क्लेम से वंचित रह गए। किसानों ने रोष प्रदर्शन करते सोमवार को बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पर ताला जड़ दिया। सोमवार दोपहर बाद बैंक के अधिकारियों के आश्वासन पर ही किसानों ने ताला खोला।
भाटोल जाटान, भाटोल रांगड़ान, खरकड़ा, जीतपुरा, बड़ाला, खरबला व सीसर के सैकड़ों किसानों ने नष्ट हुई खरीफ की फसल की मुआवजा राशि नहीं मिलने के रोष स्वरूप गांव भाटोल जाटान में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा पर ताला जड़ दिया। किसानों ने बैंक के मैनेजर रविंद्र पाल व अन्य स्टाफ को बैंक में नहीं घुसने दिया। किसान भाटोल जाटान के सरपंच अनिल बामल, मनदीप भाटोल, रामचंद्र नंबरदार, सतपाल नंबरदार, सुरेश बड़ाला, अमीर बड़ाला, करण सिंह जीतपुरा, कृष्ण खरकड़ा, नरेश जीतपुरा, साधु, सुरेश, राजेश, कर्मबीर, सतपाल भगत, प्रेम, जयभगवान, सुशील, अनिल, सुखदीप, वीरेंद्र, जयदीप, ओमप्रकाश, जितेंद्र, धर्मेंद्र, जगबीर आदि ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने बैंक मैनेजर को ज्ञापन देते हुए चेतावनी दी थी कि अगर तीन दिन में उन्हें मुआवजा राशि नहीं मिली तो वह बैंक के सामने धरना लगाएंगे तथा प्रदर्शन करेंगे।
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कृषि मंत्री के खिलाफ की नारेबाजी
किसानों ने बैंक के आगे कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, प्रशासन व बैंक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। बैंक अधिकारी व स्टाफ किसी अन्य स्थान पर बैठे रहे। सूचना मिलते ही बास के नायब तहसीलदार रामचंद व बास थाना प्रभारी कश्मीरी लाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को समझाने व मनाने का प्रयास किया, लेकिन किसान इस बात पर अड़ गए कि उनको बैंक के बड़े अधिकारियों से ठोस आश्वासन चाहिए, उसके बाद ही वो ताला खोलेंगे।

हिसार-करनाल से आए बैंक अधिकारी किसानों को मनाने
हिसार व करनाल से आए बैंक अधिकारी सीनियर मैनेजर सुभाष ढाका, करनाल से एजीएम सर्वजीत सिंह व कृषि अधिकारी सुभाष बंसल ने किसानों से बात की तथा किसानों को लिखित में तीन महीने का समय दिया और बताया कि इस दौरान वह सभी किसानों की नष्ट हुई खरीफ की फसल की मुआवजा राशि का भुगतान या तो बीमा कंपनी से करवा देंगे या फिर उनकी क्लेम राशि खुद बैंक देगा।
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यह है मामला
एक हजार किसानों ने 2017 में खरीफ की फसल का बैंक ऑफ बड़ौदा की भाटोल जाटान शाखा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया था। फसल खराब हो गई थी, गिरदावरी के दौरान कृषि अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट बीमा कंपनी को दे दी। बीमा कंपनी ने अन्य किसानों को तो मुआवजा दे दिया, परंतु बैंक ने समय रहते मुआवजा राशि के कागजात बीमा कंपनी को नहीं भेजे। इसके चलते करीब एक हजार किसान मुआवजे से वंचित रह गए।
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