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स्टॉक को बाहर निकालने के निर्देश पर भड़के आढतियों ने नारेबाजी कर विरोध किया

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
सरसों की खरीद का स्टॉक रजिस्टर जांचने के लिए दुकानों में पहुंची मार्केटिंग बोर्ड की टीम का आढ़तियों ने विरोध कर दिया। आढ़तियों ने नारेबाजी करते हुए इसका बहिष्कार किया। आढ़ती विरोध करते हुए मंडी के गेट पर आ गए। विरोध के बाद अधिकारियों की टीम वापस लौट गई।
वीरवार से अनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद होनी है। सरसों की खरीद से पहले बुधवार को मार्केटिंग बोर्ड की टीम ने मंडी में स्टॉक की जांच शुरू की। मार्केटिंग बोर्ड के सचिव से लेकर डीएमयू स्तर के दस अधिकारी मंडी में पहुंचे जिनकी अलग-अलग पांच टीमों का गठन किया गया। मंडी में अलग-अलग दिशाओं से इन टीमों ने जांच शुरू कर दी जिसमें सरसों की ढेरियों के अलावा दुकानों के अंदर के स्टॉक को भी जांचना शुरू किया। जांच शुरू होने पर आढ़ती भड़क गए। आढ़तियों ने एकत्र होकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद आढ़ती एकत्र होकर प्रदर्शन करते हुए अनाज मंडी गेट तक आ गए। विरोध होता देखकर मार्केटिंग बोर्ड की टीम वापस लौट गई। आढ़ती एसोसिएशन ने काफी देर तक नारेबाजी करते हुए कहा कि इस से ज्यादती सहन नहीं की जाएगी।
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वर्जन-
हमें रिकॉर्ड चेक कराने में कोई दिक्कत नहीं। सभी दुकानदार अपना रिकॉर्ड चेक करा रहे थे। अधिकारियों ने दुकान के अंदर के स्टॉक को खाली कर जांच कराने के लिए कहा। ऐसा संभव नहीं था। सैकड़ों बोरियों को बाहर निकलवाना फिर उन्हें जांच कराने के बाद वापस रखवाना काफी टेढ़ा काम था। इस कारण व्यापारियों ने इनकार किया था। अधिकारी इस स्टॉक को बाहर निकलवाने के मुद्दे पर अड़ गए। इसके बाद व्यापारी एकत्र हुए थे।
-संत लाल, निवर्तमान प्रधान, अनाज मंडी, हिसार।
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वर्जन.............
जल्द ही सरसों की फसल की खरीद शुरू होनी है। मार्केट विभाग के अधिकारी स्टॉक चेकिंग कर रहे हैं। हिसार जोन के लिए 6 टीमों को तैनात किया गया है। हिसार में जब टीम ने कार्रवाई की तो आढ़तियों ने नारेबाजी शुरू करते हुए इसे गलत करार दिया।
-अनूप सिंह बिसला, नवनियुक्त सचिव, अनाज मंडी, हिसार।

वर्जन..........
एसोसिएशन के नेताओं ने सरकार से मांग की है कि अनाज मंडियों के गेट पर ही चेकिंग हो। जब सीजन आने वाला है तभी क्यों ऐसा किया जा रहा है। अगर भविष्य में भी ऐसा हुआ तो वो इसका विरोध करेंगे।
-बजरंग असरांवा, आढ़ती, अनाज मंडी, हिसार।
वर्जन.....
मुख्यालय के निर्देशों के तहत काम किया जा रहा है। स्टॉक जांच के लिए टीमें बनाई गई हैं। आने वाले सीजन को देखते हुए तैयारियां की गई हैं। किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा।
-शैलेश शर्मा, डीएमईओ, मार्केटिंग बोर्ड, हिसार।
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गेट पर नहीं काटते पर्ची
मंडी में चार गेट हैं। तीन गेट बंद रहते। केवल एक गेट से किसान अपनी फसल को लेकर अंदर आता है। गेट पर मौजूद कर्मी कोई पर्ची नहीं काटते। उनका कहना है कि बिना तोल हुए वे अंदाजा ही लगा सकते हैं कि कितने क्विंटल फसल आई है। मार्केंटिंग बोर्ड की टीम द्वारा बेवजह आढ़तियों को परेशान किया जा रहा है।
-संजय गोयल, प्रधान, अनाज मंडी एसोसिएशन प्रधान

सीजन से पहले की चेकिंग
सरसों की आवाक मंडी में आनी शुरू हो गई है। कुछ दिनों बाद गेहूं की फसल भी मंडी में आना शुरू हो जाएगी। मंडी के अंदर शेड खाली है या नहीं और किसी आढ़ती ने फसलों का स्टॉक किया है तो इसकी जांच के लिए सीजन से पहले स्टॉक चेक किया जा रहा है। स्टॉक चेक करने की कार्रवाई जारी रहेगी।
-अमनजीत सिंह, सचिव, मार्केंटिंग बोर्ड, हिसार


हिसार।
हैफेड सरकार की न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के तहत सरसों की सरकारी खरीद करेगा। योजना के तहत हैफेड वीरवार से किसानों से 4 हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों की सरकारी खरीद शुरू कर देगा। सरसों की सरकारी खरीद नई अनाज मंडी स्थित सहकारी विपणन समिति में की जाएगी।
उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने बताया कि सरकार की मूल्य समर्थन योजना के तहत निर्धारित मापदंडों के अनुरूप हैफेड सरसों की सरकारी खरीद करेगा। यह खरीद 15 मार्च से हिसार अनाज मंडी स्थित सहकारी विपणन समिति में शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जो भी किसान अपनी सरसों की फसल मृूल्य समर्थन पर बेचना चाहता है तो अपने फसल के साथ जमीन की गिरदावरी, आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड आदि के साथ-साथ बैंक खाता आईएफएससी/एनईफटी कोड समेत, की प्रति अवश्य लेकर आएं।
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उन्होंने बताया कि सरसों की खरीद का भुगतान आढ़तियों के माध्यम से न करके किसानों के खाते में सीधे आरटीजीएस के द्वारा किया जाएगा। एक दिन में एक किसान से 25 क्विंटल सरसों की खरीद की जाएगी। इसलिए किसान निर्धारित खरीद के अनुसार ही सरसों लेकर आएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की कोई असुविधा ना हो। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी फसल सूखाकर व साफ करके लाएं ताकि फसल को मूल्य समर्थन के हिसाब से खरीदा जा सके।

खरीद के लिए गुणवत्ता की शर्तें
तोरिया की मात्रा 10 प्रतिशत से अधिक न हो
मिट्टी, तूड़ी की मात्रा 2 प्रतिशत से ज्यादा न हो
कटे हुए दाने की मात्रा 2 प्रतिशत से अधिक न हो
छोटे दानों की मात्रा 10 प्रतिशत से कम होनी चाहिए
नमी की मात्रा प्रतिशत से कम होनी चाहिए
कच्चे दाने की मात्रा 4 प्रतिशत से कम होनी चाहिए
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