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50 लाख के कर्ज में दबी अनिता कुंडू सातों महाद्वीपों की सेवन समिट को फतह करेंगी।

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
करीब 50 लाख के कर्ज में दबी पर्वतारोही बेटी अब सातों महाद्वीपों की सेवन समिट को फतह करेंगी। माउंट एवरेस्ट को नेपाल और चीन दोनों तरफ से फतह करने वाली देश की पहली बेटी का यह अभियान मार्च में शुरू होगा। करीब डेढ़ साल में यह लक्ष्य हासिल करने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये खर्च आएगा।
माउंट एवरेस्ट को नेपाल और चाइना दोनों तरफ से फतह करने वाली भारत की पहली महिला पर्वतारोही अनीता कुंडू ने सेवन समिट का लक्ष्य तय किया है। अनीता कुंडू अपना यह सफर मार्च से शुरू करेंगी। ऐसा करने वाली वह देश की पहली महिला होंगी। अगर मौसम ने साथ दिया तो इस चुनौती को पार करने में करीब डेढ़ वर्ष का समय लगेगा।
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उकलाना के फरीदपुर गांव की रहने वाली अनीता कुंडू की जिंदगी भी पहाड़ों को शिकस्त देने जैसी रही है। अनीता जब 13 साल की थी तो उनके पिता ईश्वर कुंडू की दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके चलते अनीता की बॉक्सिंग छूट गई। मां ने दूध बेचकर अपनी बेटी को हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल भर्ती कराया। वर्ष 2013 में जब नेपाल की तरफ से माउंट एवरेस्ट फतह किया। वर्ष 2017 में चाइना की तरफ से पार किया था।
50 लाख के कर्ज में डूबी बेटी का हौसला पर्वत सा....
एक बार माउंट एवरेस्ट चढ़ने में करीब 30 लाख रुपये खर्च आता है। दो बार चोटी को फतह करने और एक बार भूकंप के कारण वापस लौटने में अनीता करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर चुकी हैं। इसमें करीब 50 लाख रुपये उन पर कर्ज है। सरकार की ओर से उन्हें आज तक कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। इसमें कुछ कर्ज बैंक का है। अनीता की सैलरी से कुछ पैसा कर्ज चुकाने में जाता है।
शाबासी मिली पर हक नहीं...
बातचीत में अनीता ने कहा कि पर्वतारोहण पर उसे शाबासी तो मिली, लेकिन उसका हक नहीं मिला। एक बार माउंट एवरेस्ट फतह करने वालों को सरकार ने डीएसपी का पद दिया हुआ है। वह दोनों साइड से माउंट एवरेस्ट फतह कर चुकी हैं। फिर भी उनको डीएसपी नहीं बनाया गया। पदोन्नति को लेकर खेल मंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री से भी गुहार लगा चुकी हैं।
मौत को इतने करीब से देखा...
अनीता ने कहा कि पर्वतारोहण में पता नहीं होता कि अगला कदम जिंदगी या मौत। 2015 में एवलांज में उनके सामने बड़े पहाड़ टूटकर बिखर रहे थे। किस्मत से वह कैंप से निकलकर कुछ दूरी पर टहल रही थीं। इस कारण वह बच गई। मौत को बेहद करीब से देखकर करीब आधे घंटे तक स्थिर हो गई थी। वापस कैंप में लौटी तो उसके कई साथियों की लाश कैंप में बिखरी पड़ी थीं।

यह है सातों महाद्वीपों की सेवन समिट
सेवन समिट में सातों महाद्वीपों की एक-एक सबसे ऊंची चोटी शामिल है। एशिया की नेपाल और चाइना की तरफ से हिमालय पर्वत की माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर या 29 हजार, 29 फुट), साउथ अमेरिका की एंडीज पर्वत शृंखला की अर्जेेंटाइना स्थित एकोनकागुआ (6961 मीटर या 22 हजार, 838 फुट), नॉर्थ अमेरिका की एलास्का रेंज की यूनाइटेड स्टेट स्थित मैकिनले (6194 मीटर या 20 हजार, 322 फुट), अफ्रीका की तंजानिया स्थित किलीमंजारो (5895 मीटर या 19 हजार, 341 फुट) शामिल हैं। यूरोप के कॉकेसस पर्वत शृंखला की रसिया स्थित माउंट एलब्रस (5642 मीटर या 18 हजार, 510 फुट), अंटार्कटिका की सेंटिनल पर्वत शृंखला की माउंट विंसन (4892 मीटर या 16 हजार, 50 फुट), ऑस्ट्रेलिया की इंडोनेशिया स्थित सुदिर्मन पर्वत शृंखला की पंकैक जया (4884 मीटर या 16 हजार, 24 फुट) शामिल हैं।
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एचएयू से घास लेकर जाती थीं
अनीता ने कहा कि अपनी मां का सहयोग करने के लिए वह 2006 तक जाट कॉलेज में जाने से पहले एचएयू से साइकिल पर घास लेकर आती थीं। इस घास को उनकी मां भैंस को डालती। कुछ दूध बेचकर मकान का किराया चुकाते थे।
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