अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
हरियाणा बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा ने शनिवार को जिले के गांव गांधीनगर को प्रदेश का पहला बाल विवाह मुक्त गांव घोषित किया। एक कार्यक्रम के दौरान बतौर मुख्यातिथि सरपंच मुकेश रंगा और पंचायत सदस्यों को बाल विवाह मुक्त गांव होने का प्रमाण पत्र दिया।
आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा ने गांधीनगर में पिछले कई साल से बाल विवाह का मामला न होने पर ग्रामीणों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि जिस गांव में तीन साल से बाल विवाह नहीं हुए, उन्हें बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाता है। इस दिशा में गांधीनगर यह सम्मान पाने वाला प्रदेश का पहला गांव बना है। उन्होंने ग्रामीणों, बाल संरक्षण विभाग, बाल संरक्षण समिति, मराइडो और सेव द चिल्ड्रन संस्थाओं की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर गांव में इस प्रक्रिया को अपनाते हुए लोगों को जागरूक किया जाएगा। पूरे प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बनाया जाएगा।
मां तू मनै मरवाइए मत ना...
बाल संरक्षण अधिकारी सुनीता यादव ने कहा कि बाल अधिकारों के प्रति इस गांव की पंचायत जागरूक है। बाल विवाह निषेध अधिकारी बबीता चौधरी ने बताया कि गांव को यह गौरव ग्रामीणों और इस काम से जुड़ी संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों से हासिल हुआ है। उन्होंने बताया कि तीन साल के नियम के विपरीत इस गांव में पिछले कई सालों से कोई बाल विवाह नहीं हुआ है। कार्यक्रम के दौरान गांव की लड़कियों ने देशभक्ति गीत देश मेरा रंगीला, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर आधारित मां तू मनै मरवाइए मत ना, ज्योति ने तेरी लाडो रोवै मां, दुनिया मैं आ लेण दे नामक प्रभावशाली गीत और नृत्य प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर सरपंच मुकेश रंगा, सेव द चिल्ड्रन के जिला अधिकारी सुखेंदु बैंक, मराइडो के कार्यक्रम अधिकारी पवन जांगड़ा, एसएचओ देवेंद्र कुमार, भारत शर्मा, चाइल्ड लाइन से पूनम, अंजनी, कुलदीप, पूर्व सरपंच कृष्ण कुमार व राजकुमार, रविदास, पंच राजबीर, सोनिया, रघुबीर प्रधान, भगवान दास सहित अन्य विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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हरियाणा बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन ने दिया प्रमाण-पत्र