अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
आयकर विभाग के नॉर्थ-वेस्ट के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर केसी जैन ने कहा कि आयकर चोरी करने वालों की पहचान की जा रही है। नॉर्थ-वेस्ट में करीब 100 से अधिक ऐसे लोगों के खिलाफ विभाग एफआईआर कराएगा।
प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर केसी जैन ने कहा कि आउटरीच कार्यक्रम के तहत आयकर विभाग सभी लोगों तक पहुंचेगा, जिसमें लोगों से आयकर रिटर्न भरने का अनुरोध किया जा रहा है। आधार कार्ड से पेन कार्ड लिंक होने के बाद हमारे पास आय की पूरी डिटेल आ रही है। आयकर रिटर्न नि:शुल्क भरा सकते हैं। आयकर सेवा केंद्र में यह सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि हिसार एरिया में तीन सर्वे किए गए। इसमें पाया गया कि कुछ कांट्रेक्टर गलत तरीके से टीडीएस रिटर्न क्लेम कर रहे थे। ऐसे लोगों को समझाया गया तो उन्होंने रिटर्न क्लेम करना बंद दिया। करीब 50 से अधिक ऐसे लोगों को इसी तरह से समझाया गया। विभाग किसी कानूनी पचड़े में नहीं फंसना चाहता। हमारी प्राथमिकता टैक्स एकत्र करना है। साथ ही ऐसे व्यक्ति को भविष्य में टैक्स सही आयकर रिटर्न भरने के लिए निर्देश होते हैं। विभाग की ओर से टैक्स चोरों की पहचान की जा रही है। नोटिस के बाद भी टैक्स जमा न कराने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। पहले चरण में ऐसे 100 से अधिक लोगों की लिस्ट तैयार की है। इस मौके पर ज्वाइंट कमिश्नर हिसार हेमंत गुप्ता, डिप्टी कमिश्नर राजेश कुमार, भिवानी से असिस्टेंट कमिश्नर अजय शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
36 हजार करोड़ के टारगेट में 18 हजार हरियाणा से
केसी जैन ने बताया कि नॉर्थ-वेस्ट में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर का टारगेट करीब 36 हजार करोड़ रुपये था। इसमें हरियाणा से करीब 18 हजार करोड़ रुपये मिलते हैं। नोटबंदी से पहले यह पूरा होता नहीं दिख रहा था। बाद में हजारों की संख्या में नए करदाता आए। करीब 43 हजार करोड़ का टारगेट इस बार के लिए दिया गया है। पूरे देश का लक्ष्य एक लाख करोड़ रुपये तय किया गया है।
जीएसटी का भी दिखेगा असर
नोटबंदी के बाद हजारों की संख्या में नए आयकर दाता सामने आए थे। बैंकों में नोट जमा कराने वाले लोगों को नोटिस देकर पूछताछ की गई तो काफी नए आयकर दाता जुडे़। अब जीएसटी के बाद बड़ी संख्या में पैन आवेदन आए हैं। इसका मतलब बड़ी संख्या में आयकर दाता भी जुडे़ंगे।
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- नि:शुल्क आयकर रिटर्न दाखिल करने में सहयोग करेगा आयकर सेवा केंद्र
-गलत तरीके से टीडीएस क्लेम करने वालों पर भी विभाग की निगाहें