अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और अरब सागर से आई नमी के कारण जिले में कई जगह बरसात हुई। दिन भर बादलों के छाए रहने के कारण मौसम सुहाना रहा। फिलहाल मौसम विभाग ने इसे प्री-मानसून मानने से इनकार किया है। शुक्रवार को मामूली बरसात के बाद मौसम में बदलाव आया था। शनिवार सुबह फिर से आसमान में बादल छाए। सुबह करीब छह बजे हल्की बूंदाबांदी हुई। दोपहर को करीब एक बजे बाद फिर से बरसात आई। दिनभर में 2.8 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने इसे प्री-मानसून मानने से इनकार किया है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के हेड डॉ. राज सिंह ने कहा कि यह बरसात प्री मानसून नहीं है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और अरब सागर की आर्द्रता के कारण यह बरसात आई है। रविवार को भी इसी तरह का मौसम रहेगा। सोमवार को मौसम साफ होने का अनुमान लगाया गया है। इसके बाद 23 व 24 को फिर से मौसम बदलेगा। इसमें हल्की बरसात होने का अंदाज है।
ये होते हैं प्री मानसून के लक्षण
डॉ. राज सिंह ने कहा कि प्री मानसून के कई लक्षण होते हैं। जिसमें आर्द्रता, हवा की स्पीड, बरसात का तरीका सहित अन्य कारण शामिल हैं। आईएमडी के निदेशक से भी बातचीत हुई थी। आईएमडी की ओर से भी इसे प्री- मानसून मानने से इनकार किया गया है। प्रदेश में जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून आने की उम्मीद है। शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 30.2 और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रविवार को भी अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
फसलों को होगा फायदा
शुक्रवार-शनिवार को आई बरसात से किसानों को काफी फायदा होगा। नरमा-कपास की फसल को यह बरसात लाभ देगी। बाजरा, ज्वार, ग्वार सहित अन्य फसलों की बिजाई अब तेजी से शुरू हो जाएगी। बागवानी की फसलों को भी इससे फायदा होगा।
प्री मानसून नहीं, अरब सागर की नमी, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की बरसात
-आज भी हल्की बरसात की संभावना, सोमवार को साफ होगा मौसम