नगर निगम कार्यालय पर ताला जड़कर तीन दिन तक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। नगरपालिका कर्मचारी संघ के नेतृत्व में कामकाज पूरी तरह बंद रखा जाएगा। मंगलवार से वीरवार तक शहर में सफाई भी नहीं होगी। इसके अलावा निगम कार्यालय में नियमित व अनुबंधित कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले सभी काम भी नहीं होंगे। इस कारण जन्म मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने से लेकर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने तक के लिए शहरवासियों को शुक्रवार तक का इंतजार करना पड़ेगा। नियमित व अनुबंधित सफाईकर्मी तो सोमवार दोपहर बाद ही हड़ताल पर चले गए। ऐसे में तीन दिन में शहर में एकत्रित होने वाला 690 मीट्रिक टन कचरा शुक्रवार को ही उठेगा।
हड़ताल की पहले से जानकारी होने के बाद भी नहीं किए वैकल्पिक प्रयास: नगर निगम के उच्चाधिकारियों को सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का पता होने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था के लिए कोई प्रयास तक नहीं किया गया। निगम प्रशासन ने जिला प्रशासन से हड़ताल के दौरान कोई अन्य विकल्प उपलब्ध करवाने के लिए पत्र तक नहीं लिखा। स्वच्छता शाखा के अधिकारियों के पास भी मूकदर्शक बने रहने के सिवाय कोई चारा नहीं होगा। हड़ताल के कारण तीन दिन तक शहर से रोजाना निकलने वाले करीब 230 मीट्रिक टन कचरे का उठान नहीं हो पाएगा।
निगम के पास हैं 716 सफाईकर्मी: नगर निगम प्रशासन के पास 716 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से 249 सफाईकर्मी नियमित हैं, जबकि 417 अनुबंधित सफाई कर्मचारी हैं। वहीं 50 सफाईकर्मियों को आउटसोर्सिंग पॉलिसी-वन के तहत रखा हुआ है। इसके अलावा टाटा एस चलाने के लिए आउटसोर्सिंग से 32 ड्राइवर भी लगाए हुए हैं।
ऑफिस कर्मचारियों की संख्या 246: इनके अलावा 246 कर्मचारी निगम कार्यालय में अलग-अलग ब्रांचों का कामकाज देखते हैं। इनमें से 129 नियमित कर्मचारी हैं, जबकि आउटसोर्सिंग पॉलिसी-वन के तहत 116 कर्मचारी रखे हुए हैं। एक कर्मचारी आउटसोर्सिंग पॉलिसी-टू के तहत लगाया हुआ है। नगरपालिका कर्मचारी संघ में नियमित कर्मचारी भी शामिल होने के कारण वह भी हड़ताल का हिस्सा बनेंगे। ऐसे में कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा।
शहरवासियों को यह करने होंगे प्रयास: तीन दिन में गंदगी के कारण शहर के हालात न बिगड़ें, इसके लिए खुद शहरवासियों को भी कुछ प्रयास करने होंगे। इसके तहत प्रयास करना होगा कि तीन दिन में बेहद कम कचरा निकले। कचरे को गलियों में फेंकने के बजाय घर में ही एक कोने में डस्टबिन में रखें, ताकि शुक्रवार को जब निगम की गाड़ी कचरा लेने आए तो आसानी से उसमें डाला जा सके।
तीन दिन तक सफाईकर्मी व अन्य कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। जितने सफाईकर्मी हैं, उनमें से एक भी काम पर नहीं आएगा, ऐसे में हम क्या वैकल्पिक व्यवस्था करें। शुक्रवार को ही कचरा उठवा पाएंगे।
- सुभाष सैनी, सीएसआई, नगर निगम
वर्जन
सोमवार दोपहर बाद सफाईकर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। प्रदेश सरकार हमसे वादाखिलाफी कर रही है। इसलिए रोषस्वरूप हमें हड़ताल करनी पड़ रही है।
- प्रवीन कुमार, प्रधान, नगरपालिका कर्मचारी संघ