अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। पेट्रोल पंप पर कारिंदों द्वारा कम तेल डालने, मीटर जंप कराने जैसे हथकंडों से उपभोक्ताओं को चपत लगाने की घटनाएं होती रहती हैं। आम तो आम खास लोगों को भी कारिंदे चपत लगाने से बाज नहीं आते। ऐसा ही वाकया शनिवार को हुआ जब राजगढ़ रोड स्थित पेट्रोल पंप से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की गाड़ी में तेल डलवाया जा रहा था।
घटना के अनुसार एडीजे फैमिली कोर्ट जयवीर सिंह शनिवार दोपहर करीब सवा एक बजे अदालत परिसर से अपनी गाड़ी में सवार होकर निकले। कोर्ट के साथ लगते इंडियन ऑयल के नेशनल फिलिंग स्टेशन पर तेल डलवाने के लिए गाड़ी रोकी। वहां पंप कारिंदे को 1520 रुपये का डीजल डालने के लिए बोला। पंप कारिंदे ने गाड़ी में 1515 रुपये का तेल डलते ही पंप की नोजल बंद कर दी। इस बीच गाड़ी में बैठे जज का ध्यान मीटर की तरफ गया तो पांच रुपये कम का तेल डालने पर उसने कारिंदे को टोका तो पंप कारिंदा थोड़ी तल्खी में जज के साथ बात करने लगा। इस पर गाड़ी में आगे की सीट पर बैठा उनका गनमैन नीचे उतर गया और थोड़ा हंगामा हो गया। इसके बाद जब पंप कारिंदों को यह बात पता चली कि गाड़ी में जज बैठे हैं तो उनमें हड़कंप मच गया। इसके बाद एक अन्य कारिंदा आया और बोला कोई बात नहीं लो पांच रुपये का और डाल देते हैं। एडीजे ने इस घटना के बारे में पेट्रोल पंप की सुझाव पुस्तिका में विस्तार से लिखा है।
मौके पर पहुंचा पंप मालिक
हंगामा मचने के बाद पंप मालिक करतार सिंह भी मौके पर पहुंच गया। जज ने उससे सवाल किया तो वह सफाई देता रहा। जज ने पंप मलिक से कहा कि ये बताओ ये गलत है या नहीं। इस पर करतार सिंह कोई जवाब नहीं दे पाया और चुपचाप खड़ा रहा।
यह लिखा सुझाव पुस्तिका में
जज ने सुझाव पुस्तिका मंगवाई और उसमें लिखा - ‘नौ मार्च को मैं अपनी गाड़ी में 1520 रुपये का डीजल भरवा रहा था। कारिंदे अर्जुन ने मशीन में 1520 रुपये भर दिए, मगर जब मीटर 1515 रुपये की रीडिंग दिखा रहा था तब दूसरा कर्मचारी रामबीर वहां आया और नोजल बंद करके उसे बाहर खींच लिया। मीटर में 1520 रुपये भरे जाने के बावजूद उसने मीटर बंद कर दिया। जब उससे पूछा गया कि उसने ऐसा क्यों किया तो उसने करतार सिंह की मौजूदगी में भी बहुत रूखे तरीके से बात की तथा उसका व्यवहार झगड़ालू रहा। करतार सिंह का बेटा कथित तौर पर पेट्रोल पंप में हिस्सेदार है। इससे मुझे लगा कि इस पेट्रोल पंप पर मशीन के साथ कुछ छेड़छाड़ की जाती है।’
वर्जन
तेल पूरा डाला गया है। हो सकता है कारिंदे से नोजल पहले दब गई हो, लेकिन मीटर चेक कर सकते हैं, तेल पूरा 1520 रुपये का डाला गया है।
- करतार सिंह, मालिक, नेशनल फिलिंग स्टेशन।
वर्जन
यह सीधे-सीधे सेल्समैन की गलती है। इस बारे में मालिक को कोई जानकारी नहीं होती। मालिक 24 घंटे निगरानी नहीं रख सकता। सेल्समैन ने यदि गलती की है तो उसके खिलाफ उस पंप का मालिक ही एक्शन ले सकता है।
- राजकुमार सलेमगढ़, प्रधान, पेट्रोल पंप एसोसिएशन, हिसार।