अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। प्रेम में धोखा मिलने पर जीजा संग प्रेमी की हत्या करने के दोषी जीजा-साली को अदालत ने शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में दोनों को जुर्माना भी लगाया गया है।
मामले के अनुसार जांडली खुर्द निवासी जयपाल उर्फ सोनू की हत्या वर्ष 2016 में हुई थी। पाबड़ा निवासी रोबिना उर्फ बीनू और जींद के खरल गांव निवासी उसके रिश्ते के जीजा 28 वर्षीय सुरेंद्र ने जयपाल की हत्या को अंजाम दिया था। इस मामले में एडीजे देशराज चालिया की अदालत ने बुधवार को दोनों को दोषी करार दिया था। शनिवार को अदालत ने सुरेंद्र को हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत उम्रकैद और 6000 रुपये और रोबिना को हत्या की साजिश में उम्रकैद और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
रोबिना के इशारे पर सुरेंद्र ने मारी थी जयपाल को गोली
सुरेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि रोबिना उसकी ससुराल के पड़ोस में रहती है और रिश्ते में साली लगती है। रोबिना ने उसे बताया कि एक लड़का सुरेंद्र है, जिसने उसे शादी करने को कहा और अब धोखा देते हुए शादी से इनकार कर रहा है, उससे बदला लेना है। सुरेंद्र के अनुसार वह भावना में बहक कर उसकी बातों में आ गया और 27 अक्तूबर को हिसार आ गया। उन्होंने जयपाल को बुलाया और किसी तरह जेवरा की तरफ ले गए। वहां रोबिना के इशारे पर सुरेंद्र ने जयपाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
ब्लांइड था मर्डर केस
जिस दिन मर्डर हुआ, उस समय यह केस ब्लाइंड था। पुलिस को 27 अक्तूबर को बरवाला के जेवरा के निकट जब शव मिला तो वह अज्ञात था। 28 अक्तूबर को मृतक जयपाल उर्फ सोनू के चाचा सतबीर ने अस्पताल पहुंचकर शव की शिनाख्त की थी। पुलिस ने इस आधार पर अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया था।
अंजाम तक पहुंचाने में गोली का खोल रहा अहम सुबूत
इस ब्लाइंड मर्डर में पुलिस को उस समय सफलता मिली थी, जब जयपाल उर्फ सोनू के परिवार के एक सदस्य ने सामने आकर गवाही दी कि वारदात के दिन उसने इन तीनों को एक साथ देखा था। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी से 315 बोर की पिस्तौल बरामद की थी। उस पिस्तौल के चैंबर में गोली का खोल फंस गया था। इस खोल और मौके से मिले खोल का मैच होने के कारण यह केस में अहम सुबूत बना। इसमें रोबिना और सुरेंद्र का नाम आने के बाद इस केस की कड़ियां जुड़ती चली गईं।