अमर उजाला ब्यूूरो
हिसार। डाबड़ा चौक आरओबी के काम को पूरा करने के लिए भोपाल से आने वाली बियरिंग का इंतजार है। इन बियरिंग पर लोहे के चार रोटर को रखा जाएगा। इसके बाद आरओबी का रेलवे लाइन के ऊपर का हिस्सा पूरा होगा। रेलवे के हिस्से को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार ने 24 जुलाई तक का समय दिया था।
डाबड़ा चौक आरओबी को फोरलेन करने का काम समय पर पूरा नहीं हो सका। सरकार की ओर से इस आरओबी के लिए 18 महीने का समय दिया गया था। यह समय 24 जुलाई को पूरा हो गया। आरओबी में अब रेलवे लाइन के ऊपर के हिस्से का काम बाकी है। करीब 80 मीटर के काम को पूरा करने के लिए अब पीडब्ल्यूडी को बियरिंग का इंतजार है। लोहे के भारी भरकम गार्डर लाकर रखे हुए हैं। इन रोटर को रेलवे लाइन के दोनों ओर बने पिलर पर रखा जाएगा। इसके रोटर रखे जाने के बाद इन पर कंकरीट लेंटर डालकर इसे पूरा किया जाएगा। उसके ऊपर सड़क का निर्माण होगा। पीडब्ल्यूडी की ओर से आरओबी का 90 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। करीब 10 प्रतिशत काम को पूरा करने में एक से दो महीने का समय लगने का अनुमान है।
क्या होती है बियरिंग
लोहे के गार्डर और पिलर के बीच में बियरिंग को रखा जाएगा, जो ऊपर से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण पड़ने वाले दबाव को सहन करने के लिए स्प्रिंग की तरह से काम करेगा। ऐसा करने से आरओबी के गिरने का खतरा कम होता है।
अक्तूबर 2016 में शुरू किया गया था निर्माण
डाबड़ा चौक आरओबी के काम को अक्तूबर 2016 में शुरू किया गया था। जिसमें इसे 31 मार्च 2018 तक पूरा करने समय दिया गया था। बाद में डेडलाइन को 24 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया था। फिलहाल इस आरओबी के लिए 15 अगस्त की डेडलाइन तय की गई थी। इस बार भी डेडलाइन पर काम पूरा होने की संभावना नहीं।
आरओबी में रेलवे लाइन के ऊपर का काम बकाया है। भोपाल से बियरिंग आने का इंतजार है। जल्द ही इन बियरिंग के आने के बाद काम को पूरा कराया जाएगा। करीब 92 से 94 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
-बीएस खोखर, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, हिसार
20 करोड़ खर्च होने का अनुमान
आरओबी के लिए प्रदेश सरकार ने करीब 17 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाया था, जिसमें बाद में इस बजट को रिवाइज किया गया। अब इस आरओबी पर करीब 20 करोड़ खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
पुराने आरओबी से ऊंचा
नए आरओबी को पुराने आरओबी के बजाय ऊंचाई में बनाया गया है। इसमें करीब सात फीट तक का अंतर है। नए आरओबी पर वाहनों के अलावा पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ भी छोड़ा गया है।
लाइट का प्रबंध भी
नए आरओबी पर लाइटों का प्रबंध किया गया है। जितने हिस्से में आरओबी तैयार हो गया, उसमें लाइट का प्रबंध कर दिया गया है। करीब 100 मीटर के दायरे में लाइट लगाने का काम बचा हुआ है।
मस्टिक बनाना शुरू
आरओबी पर सड़क बनाने के बाद मस्टिक बनाने का काम चल रहा है। यह रबड़ की एक लेयर होती है, जिससे आरओबी पर वाहनों की स्पीड लिमिट में रहती है। इस लेयर पर वाहनों को चलाने में आसानी रहती है। साथ ही ऐसे रोड पर गिरने पर चोट का खतरा कम है।