अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
डेरा सच्चा सौदा संचालक राम रहीम पर सोमवार को आने वाले फैसले से पहले खुफिया विभाग की टीम के अलावा पुलिस के जवान सादी वर्दी में संवेदनशील एरिया में गश्त करते रहे। यहां तक कि हर मूवमेंट की अधिकारियों को रिपोर्ट दी गई। फैसला आने के बाद शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया। कुछ घंटे तक पुलिस ने नाकों पर जांच अभियान भी चलाया।
सोमवार को 20 ड्यूटी मजिस्ट्रेट अलग-अलग एरिया में तैनात किए गए थे। पुलिस की ओर से संवेदनशील सूची में शामिल किए मिलगेट एरिया, पटेल नगर, उकलाना, बरवाला, मुगलपुरा, शंकरपुरा सहित अन्य एरिया में खुफिया विभाग की टीम गश्त पर रही। पुलिस के जवान भी इन एरिया में सादी वर्दी में में तैनात रहे। सुबह से देर रात तक हर एक मूवमेंट पर नजर रखी। खासतौर पर साढे़ तीन बजे से सात बजे तक की लगातार रिपोर्ट अधिकारियों को दी। गंगवा स्थित डेरा सच्चा सौदा के पास फोर्स की संख्या में सुबह से ही बढ़ोतरी कर दी गई थी। यहां नाके से गुजरने वाले हर एक वाहन की जांच की गई। संदिग्धों की तलाशी भी ली गई। शाम तीन बजे से डीसी निखिल गजराज, एसपी मनीषा चौधरी की अगुवाई में शहरभर में फ्लैग मार्च निकाला गया। पुलिस की ओर से सभी को शांति बनाए रखने की अपील की गई।
पुलिस नाकों पर जांच
जिले में पुलिस की ओर से लगाए गए 18 नाकों पर शाम तीन बजे से साढे़ सात बजे तक विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसमें वाहनों की तलाशी भी ली गई। संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर उनके रिहायशी पता और मोबाइल नंबर भी रजिस्टर में दर्ज किए। जिला प्रशासन की ओर नियुक्त किए गए 20 ड्यूटी मजिस्ट्रेट अपने-अपने एरिया की रिपोर्ट लगातार भेजते रहे। शाम पांच बजे जिला प्रशासन की ओर से प्रदेश सरकार को पूरी तरह से शांति की रिपोर्ट भेजी गई। रात 10 बजे तक ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात रहे।
सूने रहे चौक-चौराहे
शिक्षण संस्थान, रोडवेज बस, निजी आपरेटर्स की बसें, रेल सेवा सोमवार को भी पूरी तरह से बंद रही। जिस कारण शहर के अधिकतर बाजारों में अवकाश जैसा हाल रहा। शहर की सड़कों के अलावा चौक-चौराहे भी सूने नजर आए।