अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
जिले में स्वाइन फ्लू के 6 रोगी और बढ़ गए हैं। इससे इन रोगियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के 76 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए थे। लैब की जांच में 11 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि एसी के वायरस के कारण इस मौसम में यह बीमारी हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग की जिला मलेरिया शाखा ने मई से अब तक जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती स्वाइन फ्लू के 76 संदिग्ध रोगियों के सैंपल लिए हैं। मलेरिया शाखा ने लैब में इन सैंपल की जांच की। जांच में अब तक 11 मरीजों को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हो गई। यह बीमारी ठंड के मौसम में होती है। अब की बार लू और बरसात के मौसम में इस बीमारी के रोगी सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एसी के वायरस से स्वाइन फ्लू के रोगी सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में स्वाइन फ्लू के 11 रोगी सामने आए हैं। उनमें से चार रोगी जिले से बाहर के हैं। मई में भयंकर लू के मौसम में स्वाइन फ्लू के पांच रोगी मिले थे। ठंड की बीमारी के रोगी लू के मौसम में मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने पड़ताल की थी। पड़ताल में सामने आया कि एसी के वायरस से ये रोगी स्वाइन फ्लू की जद में आए। बाकी छह आरोपी जून से अब तक के हैं।
मलेरिया के 20 रोगी बढ़े, संख्या हुई 57
बरसात के मौसम में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। शहर के अस्पतालों में बुखार के रोगी भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके चलते जिले में मलेरिया के रोगियों की संख्या 20 और बढ़ गई है। अब मलेरिया रोगियों की संख्या बढ़कर 57 हो गई है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
इस रोग में पीड़ित को तेज बुखार
खांसी, गला खराब होना
जुकाम-बदन दर्द
सिर में तेज दर्द
सांस लेने में दिक्कत
उल्टियां-दस्त आना
यह बरतें सावधानी
यह संक्रमित रोग है, जो सांस लेने, छींकने और खांसने से फैलता है। इसलिए पीड़ित को रुमाल या टीशू पेपर का प्रयोग करना चाहिए। संक्रमित व्यक्ति से एक मीटर दूर रहना चाहिए। समीप जाना जरूरी है तो मास्क का प्रयोग करें और इसके बाद 30 सेकेंड तक साबुन हाथ रगड़कर साफ करें। ज्यादा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। यदि बच्चे को स्वाइन फ्लू होने की आशंका है तो उसे स्कूल में पढ़ने और खेलने न भेजें। टेस्ट के पॉजिटिव आने पर मरीज को एकांत में रखें और घर के बाकी सदस्यों की डॉक्टरी जांच करवाएं।
स्वाइन फ्लू के छह पॉजिटिव केस आए हैं। करीब 76 संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पॉजिटिव मिले सभी केसों के मामले में एहतियात बरती जा रही है। पीड़ितों का पूरा उपचार कराया जा रहा है।
-डॉ. जया गोयल, जिला मलेरिया अधिकारी, हिसार
जिले में डेंगू का एक रोगी
जिले में डेंगू का एक रोगी है। जो पहले ही सामने आ चुका है। डेंगू का पहला रोगी डेढ़ महीने पहले ऋषि नगर में सामने आया था। लैब में सैंपल की रिपोर्ट आने पर उसके पॉजिटिव होने का पता चला था। स्वास्थ्य विभाग ने रोगी के घर के आसपास एंटी लारवा अभियान चलाया था।
ये है डेंगू, चिकनगुनिया के लक्षण
1. अचानक तेज बुखार होना। 2. तेज सिर दर्द या सिर का भारी होना। 3. जोड़ों में दर्द होना। 4. शरीर पर चकते निकलना। 5. मांसपेशियों में खिंचाव, सूजन, चक्कर और उल्टियां होना। 6. डेंगू के गंभीर मामले में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना।
76 संदिग्ध के सैंपल जांच के लिए भेजे
मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 11, सितंबर से स्वाइन फ्लू का बढ़ जाएगा खतरा