हिसार। जिले में पिछले 14 माह में 60,586 बीपीएल राशन कार्ड काटे गए हैं। इन कार्डों से जुड़े करीब 1,90,045 लाभार्थियों का राशन बंद हुआ है। कार्ड कटने पर करीब 18 हजार लोगों ने आपत्ति दर्ज कर दोबारा बीपीएल कार्ड बनाने की मांग की है। प्रदेश सरकार ने खाद्य आपूर्ति विभाग को ऐसे सभी कार्डधारकों का घर-घर जाकर सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। सत्यापन के बाद रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।
जून 2025 में जिले में 3,48,820 बीपीएल परिवारों के 12,77,144 लाभार्थी थे। जिले की करीब 18 लाख आबादी में लगभग 70 प्रतिशत लोग बीपीएल श्रेणी में शामिल थे। इसके बाद सरकार ने राशन कार्डों की जांच शुरू की। अगस्त 2026 में कार्डों की संख्या घटकर 2,88,234 और लाभार्थियों की संख्या 10,87,099 रह गई है।
चार पहिया वाहन, जमीन के दस्तावेज और बिजली बिल की जांच में विभाग को परेशानी आ सकती है। परिवार के सहयोग नहीं करने पर सत्यापन में दिक्कत होगी।
इन कारणों से कटे कार्ड:
-परिवार के पास चार पहिया वाहन होना।
- 12 हजार रुपये से अधिक बिजली बिल।
-शहर में 100 गज और गांव में 200 गज से बड़ा प्लॉट।
-दो एकड़ से अधिक जमीन।
-छह माह से राशन नहीं लेना।
हिसार में सबसे अधिक बीपीएल कार्ड:
प्रदेश में हिसार में 2,88,234, करनाल में 2,54,117 और फरीदाबाद में 2,53,423 कार्ड हैं। पंचकूला में 68,507, चरखी दादरी में 75,913 और गुरुग्राम में 1,17,876 कार्ड हैं। प्रदेश में कुल 7,411 राशन डिपो हैं। करनाल में सबसे अधिक 517 और पंचकूला में सबसे कम 115 डिपो हैं। लाभार्थियों में मेवात 11,78,162 के साथ पहले, हिसार 10,87,099 के साथ दूसरे और फरीदाबाद 10,12,403 के साथ तीसरे स्थान पर है।
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बीपीएल राशन कार्ड के सत्यापन के बारे में निर्देश मिले हैं। करीब 18 हजार राशन कार्ड की लिस्ट हमें मिली थी। विभाग के इंस्पेक्टरों को उनके एरिया की लिस्ट सौंपी गई है। सत्यापन का कार्य पूरा करने में समय लगेगा।
- अमित शेखावत, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ,हिसार