फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: दो साल में 56 लोगों की टूटी सांसों की डोर, तस्करी के मामले बढ़े

विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के दावों के बावजूद जिले में तस्करी के मामले में कम नहीं हो रहे। पिछले से जनवरी से 7 जून तक सामने आए मामलों और गिरफ्तार आरोपियों की तुलना में इस साल इस अवधि में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे जाहिर है कि नशा तस्कर बेखौफ है। नशे की लत और ओवरडोज से 2025 में 29 लोगों की जान चली गई। वर्ष 2024 में यह संख्या 27 थी।
विज्ञापन




पुलिस ने पिछले साल की तुलना में नशा तस्करी के मामलों में 125 प्रतिशत अधिक केस दर्ज किए हैं। वहीं गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की संख्या में 66 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आबकारी अधिनियम (एक्साइज एक्ट) के तहत भी पुलिस ने 347 प्रतिशत अधिक मामले दर्ज करते हुए 356 प्रतिशत अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस इन आंकड़ों को उपलब्धि बताते हुए पेश कर रही है लेकिन हकीकत में यह भयावह तस्वीर है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2025 में जिले में नशे की लत और ओवरडोज के कारण 29 लोगों की मौत हो गई । वर्ष 2024 में यह संख्या 27 थी। सबसे अधिक मौतें 14 से 45 वर्ष आयु वर्ग में दर्ज की गईं। इस आयु वर्ग में 17 लोगों की मौत हुई जबकि तीन मृतक 45 से 55 वर्ष आयु वर्ग के थे।

पीरांवाली गांव और आंबेडकर बस्ती पर विशेष फोकस

पुलिस ने नशे के हॉटस्पॉट माने जाने वाले पीरांवाली गांव और आंबेडकर बस्ती पर विशेष फोकस किया है। एक जनवरी से 7 जून 2025 की तुलना में 1 जनवरी से 7 जून 2026 तक एनडीपीएस मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी सामने आई है। वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 52 मामले दर्ज कर 119 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, वर्ष 2026 में 117 मामले दर्ज किए गए जो 125 प्रतिशत अधिक हैं। गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 119 से बढ़कर 198 हो गई जो 66 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार एक्साइज एक्ट के तहत पिछले वर्ष 15 मामले दर्ज किए गए थे जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 67 हो गई जो 347 प्रतिशत अधिक है। पिछले वर्ष 16 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी जबकि इस वर्ष अब तक 73 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जो 356 प्रतिशत अधिक है।
विज्ञापन


चार स्थायी नाके, 24 घंटे निगरानी

पुलिस ने नशा प्रभावित क्षेत्रों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित करचार स्थायी नाके स्थापित किए हैं। इन पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों पर नजर रखी जा रही है। पिछले एक महीने में पुलिस ने नशा तस्करों की करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कराई है।

नशा तस्करी में शामिल लोगों की सूची तैयार

पुलिस ने पिछले पांच वर्षों में जघन्य अपराधों और नशा तस्करी में शामिल लोगों का डाटा तैयार किया है। इनकी लगातार निगरानी की जा रही है। संदेह होने पर तलाशी लेकर कानूनी कार्रवाई भी की जाती है। डाटा के विश्लेषण में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में आरोपियों के परिवार के सदस्य भी नशे के कारोबार में शामिल पाए गए हैं।

नशा निगलने से हो चुकी हैं दो मौतें

पिछले एक वर्ष में पुलिस छापों के दौरान नशीला पदार्थ निगलने से दो लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले सप्ताह हांसी में पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी संदीप उर्फ कुलदीप ने नशीला पदार्थ निगल लिया था जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। करीब दस महीने पहले आंबेडकर बस्ती में पुलिस छापे के दौरान युवती पूनम की भी नशीला पदार्थ निगलने से मौत हो गई थी।



-

नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। एनडीपीएस और एक्साइज एक्ट के तहत पिछले वर्ष की तुलना में अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में पुलिस टीमें लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लगातार जागरूक कर रही हैं। - सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक, हिसार
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें