हिसार। कृषि विभाग ने फसलों को हुए नुकसान को लेकर अपना प्राथमिक आंकलन कर मुख्यालय को भेजा है। इसमें 553429 एकड़ फसल को नुकसान हुआ है। जिले में कुल 8.5 लाख एकड़ में फसलें उगाई गई हैं। गेंहू की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। अधिकतर हिस्सों में फसलों को 75 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। अभी राजस्व विभाग की ओर से आंकलन किया जा रहा है। फसलों को मुआवजा देने के लिए राजस्व विभाग की रिपोर्ट मुख्य आधार बनेगी।
कृषि विभाग ने हिसार जिले में 2 मार्च को ओलावृष्टि से हुए नुकसान की प्राथमिक रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को भेजी है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने सहायक कृषि अधिकारियों से सर्वे कराने के बाद यह आंकलन तैयार किया है। जिसमें गांवों के हिसाब से यह सर्वे किया गया है। नियमों के अनुसार 25 प्रतिशत तक नुकसान वाली फसलों का मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में रिपोर्ट के आधार पर 3 लाख 18 हजार से अधिक एकड़ फसलों को मुआवजा की श्रेणी से बाहर कर दिया जाएगा। कुल सवा दो लाख एकड़ के करीब फसलों को ही मुआवजा मिलने की संभावना है। वहीं किसानों ने विशेष गिरदावरी करवाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुकावजा मांगा है।
रात का तापमान सामान्य से 7.3 डिग्री नीचे पहुंचा
बारिश व ओलावृष्टि के असर से दिन व रात के तापमान में काफी गिरावट आई है। सोमवार को दिन का तापमान सामान्य से 5.6 डिग्री व रात का तापमान सामान्य से 7.3 डिग्री नीचे पहुंच गया। इसके साथ ही शहर की रात प्रदेश में सबसे ठंडी रही। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मंगलवार को भी तापमान में गिरावट आएगी। मगर रात को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से तापमान में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा 6 मार्च को बादलवाही के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी की भी संभावना है। 7 मार्च को यह विक्षोभ आगे निकल जाएगा। सोमवार को अधिकतम तापमान 21.9 और न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
फसलों में नुकसान का आंकड़ा
फसल- 0 से 25 नुकसान -26 से 50 प्रशित 51 से 75 प्रतिशत 75 से 100 प्रतिशत कुल
गेहूं273387- 39065104350 230- 417032
सरसों 45337.5- 43220- 37738.5-4571- 130867
जौ 30 500 300 -0 -830
चना 0 4675 25-04700
कुल 318754 87460 14413 .5- 4801- 553429