पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मतदाताओं ने 84 प्रतिशत मतदान कर प्रत्याशियों के जीत की पटकथा लिखी। हांसी प्रथम, हांसी द्वितीय और बरवाला खंड के 122 गांवों के लोगों ने पंच, सरपंच, ब्लॉक समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए मतदान किया।
पंच-सरपंच के रिजल्ट देर रात घोषित किए जाने के साथ ही गांव में जश्न का माहौल शुरू हो गया। रात भर जुलूसों के साथ बधाइयों का दौर चलता रहा। पहले चरण में 83.5 प्रतिशत मतदान हुआ था।
तीन खंड में कुल 122 गांवों में सुबह साढे़ सात बजे मतदान शुरू हुआ। शाम चार बजे तक मतदान के बाद मतगणना शुरू हुई। देर शाम पंच और सरपंचों के रिजल्ट घोषित किए गए।
जिले में कुल 630 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें 3 लाख 19 हजार 368 मतदाता थे। रविवार को 2 लाख 68 हजार 536 मतदाताओं ने अपने वोट का उपयोग किया। बरवाला में 225 मतदान केंद्र बनाए गए थे। हांसी प्रथम में 258 और हांसी द्वितीय में 147 मतदान केंद्र थे।
खंड के हिसाब से बात करें तो बरवाला खंड में सबसे अधिक 88 प्रतिशत मतदान रिकार्ड किया गया। हांसी प्रथम में 81.8 और हांसी द्वितीय में 82.9 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने वोट का प्रयोग किया।
देर शाम रिजल्ट घोषित होते ही विजेताओं के समर्थकों ने पटाखे चलाकर खुशी जाहिर की। गांवों में लड्डू बांटे। एक दूसरे को गले मिलकर बधाइयां दीं। रातभर गांव में जश्न का माहौल रहा। कई गांवों में सरपंचों की जीत की खुशी में विजयी जुलूस निकाले गए। विजेताओं को माला पहनाई गई।
देवीगढ़ पूनियां का नहीं हुआ परिणाम घोषित
गांव देवीगढ़ पूनियां में पोलिंग के दौरान एक ईवीएम में तकनीकी खामी आ जाने की वजह से रिजल्ट घोषित नहीं हो सका। यहां मशीन के माध्यम से 97 वोट डाले जा चुके थे।
उसके बाद दूसरी मशीन लगा कर वोटिंग शुरू की गई। जब देर शाम को रिजल्ट काउंट किया जाने लगा तो, जिस मशीन में तकनीकी खामी आई थी उसमें यह नहीं पता चल पाया कि 97 में से किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले। हालांकि रात 8 बजे तक मशीन एक्सपर्ट लगे हुये थे, लेकिन डाटा निकालने में कामयाबी नहीं मिल पाई।
बीटेक बेटी को सौंपी गांव की चौधर
हांसी खंड के गांव शेखपुरा में डीएसपी भगवानदास की बेटी पूजा को गांव के लोगों ने सरपंच बनाया है। सामान्य वर्ग की सीट पर पुरुष प्रत्याशियों को पछाड़ते हुए बीटेक पूजा ने गांव की चौधर हासिल की। पूजा ने 298 वोट से जीत हासिल की। गांव शेखपुरा में करीब 3077 मतदाता हैं।
गांव की सरपंची की सीट सामान्य वर्ग के लिए थी। गांव की बेटी बीटेक की डिग्री हासिल कर चुकी पूजा ने चुनाव लड़ने का फैसला लिया। साढे़ 21 वर्षीय पूजा ने गांव के लोगों से विनम्रता से वोट मांगे। रविवार को हुए मतदान में 2640 मतदाताओं ने अपने वोट का प्रयोग किया। इसमें पूजा ने 298 वोट से विजय हासिल की। सरपंची के इस चुनाव में दूसरे स्थान पर संदीप रहे।
युवाओं पर जताया भरोसा, सौंपी कमान
दूसरे चरण के चुनाव में 122 गांव के लोगों ने अपने युवा चौधरी चुन लिए हैं। गांव के सरपंचों की औसत आयु 35 साल है। युवाओं के अलावा महिलाओं को भी आगे लाने के लिए काम किया। यहां 55 महिलाओं को सरपंच बनाया गया है।
हांसी प्रथम, हांसी द्वितीय तथा बरवाला के मतदाताओं ने रविवार की शाम अपना फैसला सुना दिया। गांव के मतदाताओं ने युवाओं, बेटियों तथा गांव की बहुओं को चौधर सौंपी। कुल 122 सरपंच के लिए मतदान होना था। इसमें महिलाओं के लिए कुल 40 पद आरक्षित किए गए थे।
दूसरे चरण के चुनाव में 55 महिलाएं जीतकर सरपंच बनी हैं। 15 सीट पर पुरुषों को पछाड़कर महिला सरपंचों ने ताज हासिल किया है। इस चुनाव में 66 पुरुष जीतकर सरपंच बने। दूसरे चरण में अनुसूचित वर्ग के 20 सरपंच बने। पिछडे़ वर्ग के 28 तथा सामान्य वर्ग के 64 लोग सरपंच चुने गए। इस बार आठवीं पास 21 सरपंच बने। दसवीं पास सरपंचों की संख्या सबसे अधिक है।
76 सरपंच दसवीं पास हैं। बारहवीं पास 13 तथा बीए से अधिक पढे़ लिखे 11 सरपंचों को गांव के लोगों ने चौधर के लिए चुना है। हिसार जिले में पहले चरण में चुने गए सरपंचों की औसत आयु 36 साल थी। इस बार सरपंचों की औसत आयु 35 साल आंकी गई है।
पहले चरण की तुलना में दूसरे चरण के गांवों ने युवाओं को अधिक तवज्जो दी। गांव की बेटियों को चौधर सौंपने में भी दूसरे चरण ने बाजी मारी। पहले चरण में गांव की एक बेटी ही जीती थी। इस बार गांव की दो बेटियों को सरपंची मिली है। इस बार के चुनाव में महिलाओं की संख्या भी बढ़ी है।