हिसार। दो दिनों से 500 से अधिक केस मिल रहे हैं। सोमवार को 527 कोरोना संक्रमित मिले और सात लोगों की जान चली गई। इस साल में एक दिन में होने वाली ये सबसे अधिक मौतें हैं। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 362 हो गया है।
कोरोना के बढ़ते मामलों और मौत पर स्वास्थ्य विभाग ने गहरी चिंता जताई है, क्योंकि इन सभी संक्रमित मरीजों की पहचान करना और हिस्ट्री जुटाने के लिए भी स्टाफ की काफी कमी है। इसके चलते हर रोज ज्यादातर मरीजों की पहचान नहीं हो पाती है, जो बिना इलाज के खुलेआम घूमते हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक कोविड-19 शव का शहर में ही विभागीय टीम की निगरानी में अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया है। इस मामले में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी, जबकि पहले कई बार ग्रामीण क्षेत्र में भी अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को शव सौंप दिया जाता था।
पिछले कुछ दिनों से काफी कोविड-19 मौत हो रही हैं। ऐसे में विभाग के लिए शवों का अलग-अलग जगह अंतिम संस्कार करना और उसके बारे में अपडेट लेना मुश्किल हो जाता था। सीएमओ का कहना है कि सैंपलिंग बढ़ाने के लिए जल्द ही उनको एलटी मिलने वाले हैं। इसकी जिला प्रशासन से मांग की गई थी। एलटी जीजेयू या एचएयू से उपलब्ध होने की उम्मीद है। विभाग ने निजी अस्पताल संचालकों को भी राहत दी है कि वे अपनी मर्जी से अस्पताल में आइसोलेशन बेड बढ़ा सकेंगे। मगर इसकी जानकारी उनको पोर्टल पर दर्ज करानी होगी, ताकि विभाग की निगरानी में रहें। अस्पताल खाली और भरे हुए बेड की जानकारी हर समय पोर्टल पर दर्ज करवानी होगी। विभाग के पास कई मरीजों को बेड न मिलने की सूचना आई थी। इसलिए यह कदम उठाया है।
फील्ड टीम में होगा विस्तार
अब स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों की पहचान एवं हिस्ट्री जुटाने के लिए फील्ड टीम में विस्तार करेगा। जिला प्रशासन से 30 कंप्यूटर ऑपरेटर 20 अध्यापक और पांच कंप्यूटर सहित अन्य मांग की है। मलेरिया विभाग में इन कर्मियों को बैठाया जाएगा। आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. अनामिका बिश्नोई ने बताया कि 2 या 3 दिन में उनको स्टाफ मिलने वाला है, जिससे काम में आसानी होगी।
लैब के तीन एलटी व अन्य स्टाफ आए पॉजिटिव
नागरिक अस्पताल में बनी लैब में कार्यरत तीन सीनियर लैब टेक्नीशियन ऑफिसर कोरोना संक्रमित मिले हैं, जिस कारण लैब में ब्लड सैंपल जांच करने में काफी देरी हुई। ऐसे में बाकी स्टाफ को भी काफी परेशानी हुई। सोमवार को अन्य दिनों की अपेक्षा लैब के सभी गेट बंद रहे। मरीजों को बाहर से ही रिपोर्ट दी गई। एक एलटी की ड्यूटी फ्लू क्लीनिक पर लगाई गई है। फिजिशियन ओपीडी का गेट पर तैनात रहने वाला पैरामेडिकल स्टाफ भी संक्रमित मिला है।
दवा पहुंचाने का काम किया शुरू
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बनाई गईं छह फील्ड टीमों ने होम आइसोलेट मरीजों की मॉनीटरिंग और दवा पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा टीम अज्ञात संक्रमित मरीजों की पहचान का काम भी देख रही है। सोमवार को अचानक नया क्षेत्र और नया काम होने से मरीजों की पहचान करने में परेशानी हुई, लेकिन जल्द ही तेजी लाएगी।
इनकी हुई कोरोना से मौत
लघु सचिवालय का एक अधिकारी, खेड़ी जालब गांव निवासी 70 वर्षीय महिला, शिकारपुर निवासी महिला, गीता कॉलोनी निवासी 41 वर्षीय व्यक्ति, अमरदीप कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति, महावीर कॉलोनी निवासी महिला की कोरोना से मौत हुई है। इनमें से तीन संक्रमित मरीज अग्रोहा मेडिकल कॉलेज और दो निजी अस्पतालों में दाखिल थे। इनके अलावा दादरी जिले के एक मरीज की कोरोना से मौत हुई है। मिरका गांव निवासी 71 वर्षीय बुजुर्ग का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। जहां पर 16 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। विभाग ने अब पोर्टल पर इसे दर्ज किया है। बुजुर्ग को सांस सहित अन्य बीमारी थी। वहीं, टैक्स विभाग के एक कर्मचारी की मौत भी हुई, हालांकि उसकी मौत कोरोना से हुई है। या अन्य किसी बीमारी से। उसकी कोविड रिपोर्ट नहीं आई है।
पुलिस जाएगी साथ
जिले में ज्यादातर जगहों पर कुछ लोग सैंपल देने से मना करते हैं। चिकित्सक एवं टीम के साथ बदसलूकी करते हैं। इसलिए अब सैंपल लेने के लिए जाने वाली टीम के साथ पुलिस भी साथ जाएगी। इसके लिए डीआईजी सह एसपी बलवान सिंह राणा ने निर्देश जारी किए हैं।
रिपोर्ट आने तक रहें घरों में
सीएमओ डॉ. रत्ना भारती ने अपील की है कि सैंपल देने के बाद रिपोर्ट आने तक सभी लोग अपने घरों में रहें और विभाग का सहयोग करें। वरना हालात बेकाबू हो सकते हैं। इसलिए ऐसे हालात पैदा न करें। खासतौर पर सैंपल देते समय मरीज अपना मोबाइल नंबर एवं पता सही तरह से दर्ज करवाएं और विभाग द्वारा किए जाने वाले फोन को भी समय पर उठाएं।
बढ़ाई जा रही सैंपलिंग
अब दो दिनों से विभाग द्वारा सैंपलिंग भी बढ़ाई जा रही है, जो हर रोज 2000 से अधिक हो रही है। रविवार को 2300 सैंपल लिए थे। सोमवार को 2200 के आसपास लोगों के सैंपल लिए हैं।