अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। प्रदेश भर के कॉलेज और विश्वविद्यालयों में चुने गए छात्र संघ प्रतिनिधियों को कैंपस में उनकी भूमिका और छात्र हितों की आवाज उठाने के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले 15 नवंबर को एचएयू में सम्मेलन होगा, जिसमें प्रदेश भर से विजेता प्रतिनिधि जुटेंगे। 22 साल बाद हुए चुनावों में विजयी होकर प्रधान, उपप्रधान, सचिव, सह सचिव और सीआर बने पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करने के साथ एक विजन दिया जाएगा। वहीं उन्हें राष्ट्रवाद के लिए भी प्रेरित किया जाएगा, ताकि वह अपनी भूमिका निभाते हुए पुरजोर तरीके से छात्र हितों की आवाज को बुलंद कर सके। इस कार्यक्रम में परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री आशीष चौहान भी शामिल होंगे।
सभी जिलों से आएंगे एक हजार से अधिक पदाधिकारी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग संयोजक मनोज भार्गव ने बताया कि सम्मेलन में हरियाणा के सभी जिलों से करीब एक हजार से अधिक पदाधिकारी शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान कैंपस में नवनिर्वाचित अध्यक्ष की क्या भूमिका होनी चाहिए, छात्र संघ प्रतिनिधि शैक्षणिक कार्यों से लेकर खेलकूद और सांस्कृतिक क्षेत्र में क्या विशेष कर सकते हैं, किसी विषय पर सेमिनार करवाने, विशेष अभियान चलाने, चेयर स्थापित करवाने जैसे कार्यों के बारे में प्रतिनिधियों को समझाया जाएगा।
पहली बार चुने गए हैं, इसलिए प्रशिक्षण जरूरी
परिषद के प्रांतीय नेताओं का मानना है कि प्रदेश में 22 साल बाद छात्र संघ चुनाव हुए थे। इन चुनावों में बड़े पैमाने पर युवाओं ने भाग लिया। पहली बार चुनकर आए पदाधिकारियों को छात्र संघ के महत्व और उसके अधिकारों की जानकारी देनी जरूरी है। इसलिए प्रदेश स्तर पर इस सम्मेलन का आयोजन रखा गया है। सम्मेलन में उन राज्यों के शिक्षण संस्थानों में छात्र संघ प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली का उदाहरण भी रखा जाएगा, जहां हर साल छात्र संघ चुनाव होते हैं।
22 साल बाद हुए छात्र संघ चुनावों में विद्यार्थी परिषद ने अपना परचम लहराया है। युवा पहली बार चुने गए हैं, इसलिए उन्हें छात्र संघ के महत्व, इसकी विशेषता और इसके अधिकारों की जानकारी देनी जरूरी है। इसलिए हमने प्रदेश स्तरीय सम्मेलन 15 नवंबर को एचएयू पदाधिकारी शामिल होंगे।
-सुनील भारद्वाज, प्रदेश मंत्री, अभाविप