अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
शहर में जल रही स्ट्रीट लाइट डायरेक्ट कुंडी कनेक्शन पर चल रही हैं। 1.61 करोड़ रुपये का जुर्माना लगवाए जाने के एक साल बाद भी नगर निगम मीटर नहीं लगवा पा रहा है। नगर निगम की स्ट्रीट लाइटों पर कनेक्शन देने के लिए 174 मीटर एप्लाई किए गए थे। इसके बाद अधिकारियों ने इस फाइल को दबा लिया। नगर निगम की तरफ से किसी अधिकारी ने ये ही नहीं संभाला कि आखिर मीटर लगे हैं या नहीं। उधर बिजली निगम के अधिकारियों ने नगर निगम के बिजली मीटर एप्लाई को लेकर मामला जानकारी में न होने की बात कही है।
अवैध कनेक्शन और एवरेज बेस पर जल रही स्ट्रीट लाइट
नगर निगम की शहर में करीब 14 हजार से अधिक के आसपास स्ट्रीट लाइट लगी हैं। जब मामला उजागर हुआ था तो करीब 23 के आसपास की मीटर मिले थे। इनमें से भी अधिकतर मीटर जले हुए थे। ये सभी डायरेक्ट कुंडी कनेक्शन पर चल रहे थे। बिजली निगम की तरफ से एवरेज बेस पर बिल भेजा जा रहा था। इसके बाद से अभी तक इस मामले को कोई सुधार नहीं हुआ। बिजली निगम को जहां लाइन लॉस हो रहा है वहीं नगर निगम के माध्यम से आम जनता का पैसा जुर्माने में यूज हो रहा है।
केवल एसीडी करवाया जमा
नगर निगम की ओर से अभी तक एसीडी (एडवांस कंजप्शन डिपोजिट) करवाया है। यह नॉन डोमेस्टिक कनेक्शन में आता है। करीब एक हजार रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से ये रुपये जमा करवाने होते हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि एसीडी के बाद अब मीटर कनेक्शन व सर्विस कनेक्शन की फीस जमा करवानी है। यह करीब 1375 रुपये प्रति मीटर के हिसाब से जमा करवानी है।
वर्जन
मीटर कनेक्शन के मामले में नगर निगम में बिजली मीटर का काम देखने वाले कर्मचारी सुभाष से जवाब मांगा गया है। अभी तक मीटर क्यों नहीं लगवाए गए लेटर निकाला गया है। अब ये मीटर संबंधित कर्मचारी की लापरवाही से रूके हैं तो उन पर जरूर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- विवेक गिल, एक्सईएन नगर निगम।
वर्जन
मेरी जानकारी में भी नहीं है कि इतनी बड़ी संख्या में नगर निगम की स्ट्रीट लाइट के लिए मीटर एप्लाई किए गए हैं। नियम के अनुसार तो कनेक्शन लेने में अधिकतम समय एक सप्ताह लगता है।
- सुरेंद्र रेड्डू, एसडीए बिजली निगम सिविल लाइन।
1.61 लाख जुर्माना लगने के बावजूद निगम नहीं लगवा पाया 174 बिजली मीटर
- न बिजली निगम उठा रही कदम न ही नगर निगम
-इससे पहले निगम ने इन्हीं कनेक्शन को लेकर एक साल पहले लगाया था 1.61 लाख रुपये का जुर्माना
- बिजली निगम के अधिकारी बोले-हमें तो याद भी नहीं कब एप्लाई किए