हिसार। शहर में कोरोना मरीजों के लिए बनाया जा रहा 500 बेड का अस्थायी अस्पताल 12 मई तक बनकर तैयार हो जाएगा। मगर ऑक्सीजन सप्लाई का काम कब तक पूरा होगा, इस पर कोई भी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा है।
अस्थायी अस्पताल तैयार करने वाली कंपनी के कर्मचारियों की मानें तो उनकी तरफ से ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर काम पूरा किया जा चुका है। मगर ऑक्सीजन सप्लाई देने वाली कंपनी की तरफ से किसी मशीनरी पार्ट को न लगाए जाने के कारण काम लटका हुआ है। बता दें कि जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए डीआरडीओ की तरफ से 500 बेड का अस्थायी अस्पताल तैयार करवाया जा रहा है। यह अस्पताल शहर के जिंदल मॉडर्न में तैयार किया जा रहा है। जिस कंपनी को यह अस्पताल तैयार करके देना है, उसकी डेड लाइन 12 मई की है, जबकि 15 मई से इस अस्पताल को शुरू किया जाना प्रस्तावित है।
हाईटेंशन लाइन के कारण 154 बेड की स्कूल के अंदर की व्यवस्था
चूंकि स्कूल परिसर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, इसे देखते हुए 154 बेड की व्यवस्था स्कूल के अंदर की गई है। स्कूल के अंदर 72-72 बेड के दो ब्लॉक बनाए गए हैं। प्रत्येक कमरे में छह बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा प्रत्येक कमरे में एसी का भी प्रबंध किया गया है। इसके अलावा 206 बेड की व्यवस्था बाहर खुले में हैंगर के नीचे की गई है। यही एक ओपीडी भी बनाई गई है, जिसमें 150 बेड का इंतजाम किया गया। अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के लिए अलग से नर्सिंग स्टेशन का निर्माण किया गया है।
पूरे अस्पताल में लगाए सीसीटीवी कैमरे
इस पूरे अस्पताल की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। इसके लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा किसी भी अनाउंसमेंट के लिए साउंड सिस्टम का प्रबंध भी किया गया है। इसके अलावा यहां ड्यूटी देने वाले डॉक्टरों के लिए वाईफाई सिस्टम भी लगाया गया है।
बिजली की नहीं रहेगी कोई दिक्कत
अस्पताल में बिजली की कोई दिक्कत न रहे, इसके लिए 5500 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। हालांकि अस्पताल पर लोड 1500 केवीए का ही है। आपातकाल के लिए जेनसेट व यूपीएस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
अस्पताल के करीब एक किलोमीटर दूर बनाई पार्किंग
अस्पताल में मरीज के साथ आने वाले लोगों के वाहनों के लिए यहां से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। चूंकि कोरोना एक संक्रमित बीमारी है तो इसे देखते हुए अस्पताल परिसर में मरीज के तीमारदारों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
कार्यप्रणाली के अनुसार बांटा है काम
सभी विभागों को उनकी कार्यप्रणाली के अनुसार कार्य बांटा गया है। अब ऑक्सीजन सप्लाई की जिम्मेदारी जिस विभाग को दी गई है, उसके अधिकारी ही इस बारे में कुछ बता सकते हैं।
-मेवा सिंह, एसडीओ, बीएंडआर।