बैंकों में कैश की कमी के कारण वीरवार को भी लोग नोट थोडे़ निराशा ज्यादा लेकर लौटे। लंबी लाइनों में लगे लोगों को अगुंली पर स्याही लगाई गई। बैंक प्रबंधकों ने दावा किया कि वीरवार को 264 एटीएम में कैश डाला गया।
बैंकों से मिल रहे दो हजार के नोट राहत नहीं दे पा रहे। दरअसल जिन लोगों के पास दो हजार का नोट आ गया है, वो भी परेशान हैं। दो हजार के खुल्ले कराना भी कम जोखिम नहीं। नकदी की कमी से जूझ रहे शहर में अब दो हजार के नोट जेब तक सीमित हो गए हैं।
बैंकों में पिछले तीन-चार दिन से दो हजार रुपये के नोट ही दिए जा रहे हैं। बैंकों में वीरवार को भी कैश की कमी बनी रही। दोपहर बाद अधिकतर बैंकों में कैश खत्म हो गया था। एटीएम पहले से ही खाली हो चुके थे। ऐसे में सैकड़ों लोगों को निराशा लेकर ही लौटना पड़ा। सबसे बुरा हाल उन लोगों का हुआ, जो सुुबह से लाइन में लगे थे। दोपहर को जब नंबर आने वाला था तो पता लगा कि बैंक में कैश खत्म हो गया।
अगुंली पर लगाई स्याही
बुधवार को आए निर्देश के बाद अधिकतर बैंकों ने वोट डालने के समय उपयोग की जाने वाली स्याही का प्रबंध कर लिया था। चुनाव कार्यालय की ओर से यह स्याही उपलब्ध कराई गई थी। वीरवार सुबह से ही बैंक कर्मचारियों ने नोट चेंज कराने वालों की अंगुली पर स्याही लगाना शुरू कर दिया था। नोट लेकर स्याही लगाने के बाद लोग खुुुश नजर आ रहे थे।
कैश की कमी बताकर दो हजार ही दिए
अब तक बैंकों को 4500 रुपये बदलने के आदेश थे। वीरवार शाम तक एक दिन में दो हजार बदलने के निर्देश नहीं आए थे। इसके बावजूद बैंक कर्मचारी कैश कम होने का हवाला देकर लोगों को दो-दो हजार रुपये ही देते रहे। बैंक कर्मचारियों की ओर से कुछ दिन किफायत से काम चलाने की सलाह भी दी जा रही थी।
500 के नोट के बाद ही राहत
बैंक अधिकारियों का कहना है कि जब तक 500 का नोट बाजार में नहीं आएगा, तब तक राहत नहीं मिलेगी। कुछ निजी बैंकों में शुक्रवार को 500 का नोट पहुंचने की संभावना है। बैंक अधिकारियों ने कहा कि अगर उन्हें डिमांड के अनुसार कैश नहीं मिल पा रहा। जब तक पूरा कैैश नहीं मिलेगा, तब तक लाइन लगना लाजमी है।
264 एटीएम चलने का दावा
लीड बैंक मैनेजर एलसी धींगड़ा का कहना है कि जिले में कुल 325 एटीएम में से 264 को चालू कर दिया गया है। सभी एटीएम इसी सप्ताह अपडेट कर दिए जाएंगे। कैश की कमी एटीएम में हो सकती है। उम्मीद है जल्द ही व्यवस्था पटरी पर लौटेगी।
सीनियर सीटिजन को राहत
कुछ बैंकों की ओर से सीनियर सिटीजन के लिए अलग से लाइन लगाई गई, जिसके बाद लोगों को राहत मिली। महिलाओं के लिए कुछ बैंकों में अलग लाइन दिखी। पिछले एक सप्ताह के मुकाबले लाइनों की लंबाई कम नजर आई।