नोट बंदी के बाद से कई तरह के असर सामने आए हैं। आम जनता के साथ विभागों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं कुछ विभागों पर नोटों की बरसात हो रही है। हाल यह है कि कई विभाग नोट को तरस रहे हैं तो कई विभागों में दिन रात नोट बरस रहे हैं। सोना, प्रॉपर्टी, वाहन खरीद फरोख्त का बाजार बंद है। बिजली निगम, नगर निगम, बीमा कंपनियों को इन दिनों खूब धन मिल रहा है।
राजस्व विभाग को 30 करोड का नुकसान
राजस्व विभाग को पिछले 13 दिन में करीब 30 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। जिले की तहसीलों में फिलहाल प्रॉपर्टी खरीद फरोख्त लगभग बंद है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार हर महीने खरीद फरोख्त में करीब 100 से 110 करोड़ रुपये राजस्व मिलता है। फिलहाल केवल ब्लड रिलेशन यानी परिवार से परिवार के लोगों को जमीन देने की रजिस्ट्री ही हो रही हैं, जिसमें विभाग को राजस्व नहीं मिलता। बैंकों में नोट लेनदेन बंद होने के कारण रोजाना करीब दो करोड़ का नुकसान हो रहा है।
सोने का कारोबार बंद
नोटबंदी के कारण शहर में सोने का कारोबार पिछले 12 दिन से पूरी तरह से बंद है। स्वर्ण बाजार को प्रतिदिन चार से पांच करोड़ का नुकसान हो रहा है। शहर में स्वर्णकारों की करीब 200 दुकानें हैं। इसके बाद ऑर्डर ही नहीं लिए गए। यह शादी-विवाह का सीजन है। इस सीजन में शहर का स्वर्ण बाजार प्रतिदिन चार से पांच करोड़ का कारोबार करता है।
शराब का 1 से 1.5 करोड़ का कारोबार प्रभावित
नोट बंदी से शराब कारोबार में 40 प्रतिशत तक की कमी आई है। इससे करीब 1 से 1.5 करोड़ का कारोबार रोजाना प्रभावित हो रहा है। 8 नवंबर से पहले अंग्रेजी व देशी शराब की बिक्री से प्रतिदिन 3 से 4 करोड़ तक का कारोबार होता था। अब घटकर 1.5 से 2 करोड़ तक का ही कारोबार हो पाता है।
नहीं आ रहा वाहन पंजीकरण शुल्क
पिछले 12 दिनों से वाहनों की खरीद भी लगभग बंद है। कार, जीप, ट्रक, ट्रॉला सहित अन्य वाहनों की खरीद पर वाहन मालिक सरकार को 5 से लेकर 12 प्रतिशत तक टैक्स अदा करते हैं। गाड़ी की कीमत के अनुसार यह टैक्स लिया जाता है, जिससे हांसी, हिसार, बरवाला एसडीएम कार्यालय को रोजाना करीब 9 से 10 लाख रुपये आते हैं। बारह दिन में यह काम लगभग ठप होने से करीब एक करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है।
ऑटो मार्केट
ऑटो मार्केट में खुले नोटों की समस्या के चलते 70 प्रतिशत कारोबार प्रभावित है। ऑटो मार्केट में नई व पुरानी मार्केट में 1500 के करीब दुकानें हैं, जिनमें 10 हजार के करीब लोग काम करते हैं। बाहर से गाड़ियों की मरम्मत करवाने के लिए आने वाले लोगों के काम भी नोटों की समस्या के चलते अटके पड़े हैं।
अनाज मंडी
अनाज मंडी में नोटबंदी की समस्या के चलते रोजाना 1 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो रहा है। 8 से 21 नंवबर तक 21 करोड़ के करीब कारोबार प्रभावित हुआ है। मंडी प्रधान संतलाल के अनुसार मंडी में किसान फसलें लेकर तो आ रहे हैं, लेकिन किसानों को फसलों की कीमत दे पाने में आढ़ती असमर्थता जता रहे हैं। किसान अपनी फसलें उधार में बेचकर जा रहे हैं।
इन्हें हो रहा फायदा
बिजली निगम
बिजली निगम को नोटबंदी के कारण सबसे अधिक फायदा हुआ है। निगम को 8 से 21 नवंबर तक बिलों की अदायगी के रूप में 36 करोड़ 40 लाख के करीब राजस्व प्राप्त हुआ है। सिविल डिवीजन को जहां 21 करोड़ तो सिटी डिवीजन को 15 करोड़ मिले हैं। सिर्फ 14 दिन में निगम को ये राजस्व प्राप्त हुआ है।
बीमा कंपनी
बिजली निगम की भांति ही नोटबंदी के कारण बीमा कंपनियों के कारोबार में 200 प्रतिशत उछाल आया है। शहर में बीमा कारोबार में 12 कंपनियां काम करती हैं, जिनमें करीब 6 से 7 करोड़ तक का कारोबार हो रहा है। नोटबंदी से पहले 3 से 4 करोड़ तक का ही कारोबार होता था।
निगम को तीन दिन में मिले 23 लाख
नोटबंदी के मामले के बाद नगर निगम की आय बढ़ गई है। हर रोज चार से पांच लाख रुपये लोग जमा करवा रहे हैं। पिछले तीन दिनों में शनिवार, रविवार व सोमवार तक शहरवासियों ने करीब 23 लाख रुपये से ज्यादा टैक्स जमा करवा दिया है। सोमवार को अब तक का सबसे अधिक प्रॉपर्टी टैक्स जमा हुआ है। सोमवार को साढ़े छह लाख रुपये जमा हुए हैं।