जिले के लोग करीब एक तिहाई से भी कम करेंसी से काम चला रहे हैं। नोटबंदी के बाद हिसार के लोगों ने बैंकों में 500-1000 के नोट की 2520 करोड़ की करेंसी जमा कराई। इसके बदले अब तक 780 करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं। 8 नवंबर के बाद लोगों ने बैंकों की 296 शाखाओं में रोजाना औसतन 69.24 करोड़ रुपये जमा कराए। इसके बदले बैंकों ने उपभोक्ताओं को प्रतिदिन औसतन 20.50 करोड़ वितरित किए। बैंकों में रोजाना 84 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन हुआ।
लीड बैंक मैनेजर बीके ढींगड़ा ने बताया कि बैंकों की तिमाही समीक्षा बैठक में कई मुद्दों पर मंथन किया गया। उन्होंने बताया कि पुरानी करेंसी जमा कराने वालों की संख्या लगभग बंद हो गई है। अब तक बैंकों में पुरानी करेंसी के 2520 करोड़ रुपये जमा किए गए। बैंकों की ओर से अब तक जिले में करीब 780 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिसमें 2 हजार, 500, 100 के नोट की संख्या अधिक है। उन्होंने बताया कि कैश कम मिलने के कारण एटीएम नहीं चला पा रहे। करीब 325 एटीएम में से फिलहाल 104 एटीएम को ही चला पाते हैं।
तीन गांव को कैसलेस बनाने की तैयारी
जिले के दुर्जनपुर, धांसू, ढाणी गारण को कैसलेस बनाने की तैयारी है। इसके लिए बैंकों की ओर से अभियान चलाया जाएगा। लोगों को एटीएम कार्ड दिए जाएंगे। गांव में बनी दुकानों में स्वाइप मशीनें दी जाएंगी।
नोटबंदी के बाद 29392 खाते खुले
8 नवंबर के बाद अब तक जिले में लगातार नए बैंक खाते खुल रहे हैं। करीब 16777 खाते प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए हैं। इसके अलावा सामान्य बैंक खाते खोले गए। पिछले करीब 45 दिन में 29392 लोगों ने बैंक खाते खुलवाए हैं।
2050 का आर्डर 15 दिन में करेंगे पूरा
बैंकों ने जिले को कैसलेस बनाने के लिए नोटबंदी के बाद अब तक करीब 334 पीओएस मशीन लगा दी हैं। यहां 1403 पीओएस पहले से काम कर रही हैं। जिले में 2050 पीओएस का ऑर्डर आया हुआ है। सरकारी विभागों से 820 पीओएस का ऑर्डर है। कुल 97 मशीन सरकारी विभागों में लगाई हैं। अगले 15 से 20 दिन में यह सभी मशीन लगा दी जाएंगी। एसबीआई ने प्रदेश सरकार को निशुल्क मशीन देने का एमओयू किया है।
9123 लोगों ने डाउनलोड किया एप
जिले में पिछले 45 दिनों में 9123 लोगों ने कैशलेस सिस्टम के लिए मोबाइल एप डाउनलोड किए हैं। अब तक इस बारे में 713 कैंप लगाए गए, जिसमें करीब 31260 लोगों को जागरूक किया गया। जिले में प्रधानमंत्री जनधन खाते की संख्या अब 4 लाख 5 हजार हो गई, जिसमें 3.40 लाख लोगों को रू पे कार्ड जारी किया गया है।