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संत कबीर जयंती पर जुटे रामपाल के पांच हजार समर्थक, पुलिस ने भांजी लाठियां

Tue, 21 Jun 2016 12:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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रामपाल - फोटो : bureau
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संत कबीर जयंती के मौके पर बरवाला में एकाएक काफी संख्या में सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल के समर्थक उमड़ गए। समर्थकों ने हिसार-चंडीगढ़ रोड पर स्थित सतलोक आश्रम के नजदीक सुबह 6 से 10 बजे तक 4 घंटे सत्संग इत्यादि करना था, लेकिन एकाएक मौके पर पुलिस और मिलिट्री द्वारा मोर्चा संभाल लेने के बाद उनका कार्यक्रम दो घंटे ही चल पाया।
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हालत यह हो गए कि पुलिस को स्थिति कंट्रोल करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। नेशनल हाईवे पर पुलिस ने समर्थकों पर हलका बल प्रयोग भी किया, वहीं इस बीच रामपाल के एक समर्थक और एसएचओ जगबीर सिंह के बीच बात इतनी उलझ गई कि समर्थक ने एसएचओ से हाथापाई तक कर दी।

इस बीच रामपाल समर्थकों पर पुलिस द्वारा लाठियां भांजे जाने के दौरान समर्थक खेतों की तरफ दौड़ पड़े। हालांकि कुछ देर बाद स्थिति कंट्रोल में हो गई। यहां बता दें कि कबीर पंथी सतलोक आश्रम संचालक रामपाल के आश्रम में हर साल कार्यक्रम का आयोजन होता रहा है, लेकिन फिलहाल रामपाल जेल में है। ऐसे में किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि एकाएक इतनी संख्या में रामपाल के समर्थक बरवाला में उमड़ सकते हैं। सुबह करीबन 5 बजे से रामपाल के समर्थक अपने वाहनों में यहां पहुंचना शुरू हो गए।
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हरियाणा के अलावा बाहरी क्षेत्र से भी समर्थक यहां पहुंचे थे। जब तक मामले की भनक पुलिस प्रशासन को लग पाती, जब तक करीबन 5 हजार रामपाल के समर्थक निर्माणाधीन नेशनल हाईवे की एक तरफ पड़ाव डाल चुके थे। हालांकि रामपाल के समर्थकों का आना अनवरत जारी था, मगर बरवाला में मुख्य रोड व अन्य जगहों पर नाकेबंदी कर वाहनों को आगे जाने से रोका गया।

उसके बाद एसडीएम पृथ्वी सिंह, डीएसपी राजबीर सैनी व अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने रामपाल समर्थकों को यहां से जाने के लिए कहा। इस बीच सत्संग के होते ही पुलिस और समर्थकों में व्यवस्था को लेकर बात उलझ गई और मौके पर पुलिस ने रामपाल समर्थकों को खदेड़ना शुरू कर दिया।

वहीं रामपाल समर्थकों ने उनके साथ हुए इस व्यवहार पर आपत्ति जताई है। उनका कहना था कि धार्मिक स्वतंत्रता सभी का अधिकार है।  बावजूद इसके पुलिस ने तानाशाही रवैया अपनाया है। वहीं पुलिस ने रामपाल समर्थकों के कई वाहनों के चालान काटे और तीन वाहनों को इंपाऊंड कर दिया।

पुलिस ने एसएचओ जगबीर सिंह से उलझने वाले एक शख्स को हिरासत में लिया था। पुलिस स्टेशन में उक्त व्यक्ति ने पुलिस से मिन्नत करते हुए आश्रम के पास दोबारा न फटकने की बात कही, जिसके कुछ घंटों बाद रामपाल समर्थक को पुलिस ने छोड़ दिया।
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