हिसार। जिले में रविवार को सहित पाच मरीजों की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। इस वजह से कोरोना मौत का आंकड़ा 209 हो गया है। उप सिविल सर्जन डॉ. जया गोयल के अनुसार देर शाम आई रिपोर्ट में 160 कोरोना केस मिले हैं।
मृतकों में बालाजी मार्केट निवासी 51 वर्षीय महिला, कंवारी गांव निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग, ऋषि नगर एरिया निवासी 48 वर्षीय महिला, सेक्टर 15 निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग, संत नगर निवासी 56 वर्षीय महिला शामिल है। इनमें एक चपरासी, 2 घरेलू कामकाजी महिला एक सोशल वर्कर और एक रिटायर कर्मचारी थे। यह सभी अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, सोनी बर्न अस्पताल, गीतांजलि अस्पताल, जिला अस्पताल और होली अस्पताल में दाखिल थे। इनमें से चार मृतक गंभीर हालत के चलते वेंटीलेटर पर उपचाराधीन थे और एक संक्रमित मृतक मौत होने के बाद सैंपल जांच रिपोर्ट में संक्रमित मिला था। इनमें से तीन मृतक बीपी, खून की कमी, मोटापा सहित अन्य बीमारी से ग्रस्त थे।
राहत की बात यह है कि अब दो दिनों से 200 से कम कोरोना केस मिल रहे हैं, जबकि पहले कुछ दिन 200 से अधिक केस मिल रहे थे। अब संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 14681 हो गया है। इनमें से अब तक जिले के 12364 मरीज कोरोना की जंग जीत कर घर लौट चुके हैं, जबकि 2110 एक्टिव केस हैं। अब कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की रिकवरी रेट बढ़कर 84.22 हो गई है। फिलहाल उप सिविल सर्जन डॉ. जया गोयल और नोडल अधिकारी डॉ. सुभाष खटरेजा अपनी टीम के साथ मिलकर सभी संक्रमित मरीजों की हिस्ट्री जुटा रहे है।
विभाग की टीम ने निजी अस्पतालों का किया दौरा
हिसार। कोरोना के बढ़ते आंकड़ों के मद्देनजर डिप्टी सीएमओ डॉ. जया गोयल ने अपनी टीम के साथ शहर के प्राइवेट अस्पतालों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में दाखिल कोविड-19 मरीजों के इलाज और व्यवस्था के बारे में जायजा लिया। बता दें कि इस सप्ताह में कोविड-19 मामले में निजी अस्पताल ने बिना अनुमति परिजनों को शव सौंप दिया था, जिससे की कार्रवाई अभी तक जारी है। ऐसे में विभाग ने सभी निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया है, ताकि उनके साथ आपस में तालमेल बना रहे और सभी व्यवस्थाओं पर निगरानी बनाए रखी जा सके। सूत्रों की मानें तो विभाग के पास प्राइवेट अस्पतालों द्वारा लापरवाही बरतने को लेकर मरीजों की कई बार शिकायतें आ चुकी हैं। इस वजह से विभाग ने कई बार कुछ मरीजों को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भी रेफर किया है। हालांकि इसे लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग और प्राइवेट अस्पताल संचालकों के बीच कई बार बैठक भी हो चुकी है, ताकि मरीजों से सरकार द्वारा निर्धारित चार्ज वसूले जाएं।
सूत्रों की मानें तो इस दौरान कुछ अस्पतालों में कोरोना नियमों की अवहेलना मिली है। जैसे कि सैनिटाइजर की सुविधा ना होना व कुछ कर्मचारी या मरीजों द्वारा मास्क ना पहनने आदि। इसके अलावा कुछ अस्पतालों में सामाजिक दूरी की भी कमी पाई गई। इसके बाद टीम ने आइसोलेशन बेड वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की व्यवस्था के बारे में पूछताछ की। उसके बाद टीम ने सभी सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। यदि इसके बाद किसी अस्पताल में कमी पाई जाती है तो विभाग नोटिस भी दे सकता है। इस दौरान उनके अलावा एसडीएम भी उनके साथ मौजूद रहे।