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एक ही मरीज का पहले जबड़ा व आंख पड़ी निकालनी और फिर नाक का भी करना पड़ा ऑपरेशन

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हिसार। जिले में ब्लैक फंगस खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में वीरवार पहला ऐसा केस सामने आया जिसमें एक मरीजा का पहले जबड़ा और आंख निकालनी पड़ी और अब उसकी नाक का भी ऑपरेशन करना पड़ा है। हालांकि चिकित्सकों को यह सब मरीज की जान बचाने के लिए करना पड़ा। अभी अस्पताल में दाखिल 10 मरीजों के जबड़ों के ऑपरेशन करना बाकी है।
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वीरवार को मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 5 नए मरीज दाखिल किए गए। जबकि तीन मरीजों की मौत की पुष्टि हुई। इनमें एक मरीज हिसार, जबकि दो भिवानी व जींद के रहने वाले हैं। उधर, बीमारी में मरीजों के इलाज में कारगर दवा पोसाकोनाजोल गोली एवं लाइपोसोनल इंजेक्शन का अस्पताल में टोटा है। फिलहाल वार्ड में ब्लैक फंगस के 67 मरीज दाखिल हैं।
स्टाफ को लगाई फटकार और व्यवस्था में नजर आया बदलाव
मेडिकल कॉलेज में तीमारदार व स्टाफ नर्स के बीच हुए झगड़े के मामले में म्यूकर माइकोसिस वार्ड में तैनात स्टाफ नर्सों को फटकार लगाई गई है। साथ ही इस तरह की आगामी गलतियां न करने बारे अलर्ट किया गया है। अब वार्ड में दाखिल मरीजों को भी राहत मिली है। सूत्रों की मानें तो वार्ड में अन्य दिनों की अपेक्षा तीन से चार बार सफाई की गई। खाने-पीने की व्यवस्था में सुधार और बदलाव नजर आया। साथ ही झगड़े में शामिल स्टाफ नर्स भी वीरवार को वार्ड में दिखाई नहीं दी। इस बारे में अमर उजाला ने मरीजों की शिकायत पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।
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